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RBI MPC Meet: मौद्रिक नीति समिति की मीटिंग शुरू, पश्चिम एशिया संकट के बीच रेपो रेट पर क्या होगा फैसला?

RBI MPC Meet: भारतीय रिजर्व बैंक ने फरवरी 2025 से अब तक रेपो रेट में 1.25 प्रतिशत की कमी की है। अप्रैल की ​रिव्यू मीटिंग के नतीजे बुधवार, 8 अप्रैल को सामने आएंगे। MPC हर दो महीने पर यह रिव्यू मीटिंग करती है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Apr 06, 2026 पर 10:55 AM
RBI MPC Meet: मौद्रिक नीति समिति की मीटिंग शुरू, पश्चिम एशिया संकट के बीच रेपो रेट पर क्या होगा फैसला?
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता और रुपये के तेज उतार-चढ़ाव ने पॉलिसी आउटलुक को जटिल बना दिया है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की मीटिंग आज, 6 अप्रैल से शुरू हो रही है। इस मीटिंग में रेपो रेट समेत प्रमुख पॉलिसी रेट्स के जस का तस रहने का अनुमान है। इसके पीछे वजह है पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई। इस लड़ाई के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे महंगाई बढ़ने का डर है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ऐसे में RBI अप्रैल की मीटिंग में रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है।

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता और रुपये के तेज उतार-चढ़ाव ने पॉलिसी आउटलुक को जटिल बना दिया है। ऐसे में ग्रोथ रेट, महंगाई पर आरबीआई के अनुमान और नीतिगत रुख पर गहरी नजर रहेगी। RBI की MPC हर दो महीने पर यह रिव्यू मीटिंग करती है।

सावधानी बरत सकता है RBI

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का कहना है, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते अनिश्चितता है। इसे देखते हुए, RBI अप्रैल की नीति में यथास्थिति बनाए रख सकता है। साथ ही कोई भी अगला कदम उठाने से पहले महंगाई के आंकड़ों पर विचार कर सकता है।’’

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