Get App

Budget 2026 Expectations: केजी से पीजी तक, बच्चों से लेकर शिक्षकों के लिए; बजट से Education Sector को ये है उम्मीदें

Budget 2026 Expectations: केंद्रीय वित्त मंत्री लगातार नवें बार देश का बजट पेश करने वाली हैं। एडुकेशन सेक्टर की बजट के ऐलानों से खास उम्मीदें लगी हुई हैं और इसका मानना है कि बजट एलोकेशन बढ़ेगा। जानिए कि एडुकेशन सेक्टर को बजट से किन ऐलानों की उम्मीदें हैं और इसे लेकर स्टेकहोल्डर्स का क्या कहना है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 2:05 PM
Budget 2026 Expectations: केजी से पीजी तक, बच्चों से लेकर शिक्षकों के लिए; बजट से Education Sector को ये है उम्मीदें
Budget 2026 Expectations: एडुकेशन सेक्टर को इस बार के बजट से काफी उम्मीदे हैं और इसे बजट एलोकेशन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Budget 2026 Expectations: अगले वित्त वर्ष 2027 के बजट का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और यह रविवार होने के बावजूद 1 फरवरी को ही पेश होगा। इस बार एडुकेशन सेक्टर को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (नेशनल एडुकेशन पॉलिसी-2020) के तहत उद्देश्यों- खासतौर से गुणवत्ता और आने वाले समय की तैयारियों को लेकर तगड़े वित्तीय प्रोत्साहन की उम्मीद है। उम्मीद की जा रही है कि बजट में एडुकेशन सेक्टर का आवंटन बढ़ेगा जो देश के टैलेंट बेस को तैयार करने और देश की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की इच्छाओं को सहारा देगी। इंडस्ट्री लीडर्स इस बात पर जोर दे रहे हैं कि नीतिगत इरादों को जमीनी स्तर पर रिजल्ट में बदलने के लिए लगातार सरकारी निवेश की जरूरत होगी, खासतौर से टीचर्स, इंफ्रा और टेक्नोलॉजी के लिए कैपेसिटी तैयार करने।

Budget 2026 Expectations: क्या कहना है इंडस्ट्री के दिग्गजों का?

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जयपुरिया ग्रुप ऑफ एडुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया का कहना है कि एनईपी-2020 यानी नई शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुरुप सही बजट मिलना चाहिए। उनका कहना है कि एडुकेशन उन अहम सेक्टर्स में से एक है टैलेंट्स की नींव तैयार करती है जिससे अन्य सेक्टर्स को सपोर्ट मिलता है। बजट से उनकी सबसे बड़ी उम्मीद शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट को लेकर है क्योंकि टीचर्स मजबूत होंगे तो पढ़ाई-लिखाई के मानक अधिक बेहतर होंगे। उन्होंने नेशनल प्रोग्राम और स्ट्रक्चर्ड फंडिंग के जरिए वोकेशनल और स्किल-बेस्ड एडुकेशन पर अधिक जोर की उम्मीद जताई ताकि कक्षा 6 से कक्षा 8 के लिए शुरू किए गए अनिवार्य स्किल एडुकेशन के सिलेबस में सीबीएसई के सुधारों के सहारा मिल सके। उनका कहना है कि स्कूलों में एआई पर जोर देना चाहिए और साथ ही निवेश भी बढ़ाया जाना चाहिए ताकि गांवों और छोटे शहरों के स्कूल पीछे न रह सकें। उन्हें बजट से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप तो प्रोत्साहित करने वाले ऐलानों की उम्मीदे हैं।

कनाडियन इंटरनेशनल स्कूल, बेंगलुरु की एमडी श्वेता शास्त्री का कहना है कि एडुकेशन सेक्टर के लिए जरूरी है कि टीचिंग क्वालिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन को मजबूत करना होगा। श्वेता के मुताबिक बजट में एडुकेशन सेक्टर के लिए आवंटन बढ़ेगा तो नए के-12 स्कूल्स खोलने, एडुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, शहरों और गांवों की पढ़ाई-लिखाई के बीच के अंतर को पाटने के कदमों सपोर्ट मिलेगा। उनका मानना है कि बजट आवंटन बढ़ने से सरकारी स्कूलों को बेहतर करने में मदद मिलेगी, जिसमें देश के अधिकतर बच्चे पढ़ाई करते हैं। उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन पर फोकस बना रहना चाहिए जिससे हाई क्वालिटी वाली एडुकेशन सबके लिए उपलब्ध हो सके। साथ ही एडुकेशन लोन पर ब्याज जरों को कम करने पर लोगों पर वित्तीय दबाव कम होगा और हाई क्वालिटी वाली हायर ए़डुकेशन तक एक्सेस बढ़ेगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें