इंडस्ट्री बॉडी नैसकॉम को उम्मीद है कि बजट 2026 के जरिए और ज्यादा स्टार्टअप्स तक एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) के तहत टैक्स डेफरमेंट की सुविधा पहुंचाई जाएगी। साथ ही भारतीय डेटा सेंटर्स द्वारा विदेशी क्लाउड के इस्तेमाल पर टैक्स से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए जरूरी स्पष्टीकरण दिया जाएगा। एसोसिएशन चाहती है कि बजट में यह स्पष्ट किया जाए कि किसी भारतीय डेटा सेंटर ऑपरेटर से होस्टिंग या को-लोकेशन सर्विस लेने से विदेशी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर के लिए कोई बिजनेस कनेक्शन नहीं बनेगा।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नैसकॉम ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि विलय की स्थिति में संचित घाटे और समायोजित न हो पाए डेप्रिसिएशन बेनिफिट्स के कैरी-फॉरवर्ड और सेट-ऑफ को सभी कंपनियों तक एक्सटेंड किया जाए। इस मामले में कंपनियों के बिजनेस के प्रकार पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
अन्य सुझावों में विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) रीइनवेस्टमेंट रिजर्व के योग्य इस्तेमाल के दायरे का विस्तार करना भी शामिल है। ऐसा इसलिए ताकि इसमें अधिकृत SEZ ऑपरेशंस को सपोर्ट करने वाले लीज पर लिए गए टेक एसेट्स, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन, इंटीरियर, फैसिलिटीज और नए कर्मचारियों की भर्ती और ट्रेनिंग के खर्च शामिल किए जा सकें। बजट 2026 को 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाना है।
दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रही है इंडस्ट्री
पीटीआई के मुताबिक, नैसकॉम की पब्लिक पॉलिसी के वाइस प्रेसिडेंट आशीष अग्रवाल का कहना है कि इस वक्त इंडस्ट्री दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘एक इंडस्ट्री के रूप में हमने पिछले वर्ष 280 अरब अमेरिकी डॉलर पर क्लोजिंग की थी और इस वर्ष हम 300 अरब डॉलर के आंकड़े के करीब हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में ग्रोथ धीमी रही है। इसे प्रमुख बाजारों से जुड़ी हमारी वैश्विक चुनौतियों के साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए और कर नीतियों पर विचार करते समय इसे ध्यान में रखना होगा।’’
इसके अलावा, अग्रवाल ने बताया कि AI के आने से नए अवसर खुल रहे हैं। साथ ही घरेलू बाजार में भी अच्छी तेजी है। घरेलू बाजार सेगमेंट हालांकि निर्यात की तुलना में आकार में छोटा है, लेकिन निर्यात के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा है।
भारत में मान्यता वाले कितने स्टार्टअप्स
भारत में डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड ऑफ इंडिया (DPIIT) से मान्यता प्राप्त 1,59,000 से ज्यादा स्टार्टअप हैं। इनमें से 4,000 से भी कम के पास इंटर-मिनिस्ट्रियल बोर्ड सर्टिफिकेशन है। फिर भी बजट के लिए नैसकॉम की सिफारिशों के अनुसार, यह सर्टिफिकेशन 2020 के कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन टैक्स डेफरमेंट विंडो के लिए क्वालिफाई करने के लिए एक शर्त है। नैसकॉम ने सरकार से DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त सभी स्टार्टअप्स को ESOP टैक्स डेफरमेंट की सुविधा देने की अपील की है। साथ ही ESOP लागत को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 37 के तहत डिडक्शन योग्य बनाने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने अपने प्री-बजट मेमोरेंडम में कहा कि ESOP स्टार्टअप्स को हाई-क्वालिटी टैलेंट आकर्षित करने में सक्षम बनाते हैं।