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CBSE Board Exam 2026: सिर्फ थ्योरी पेपर का ही होगा री-एसेसमेंट, जानें परीक्षा कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने प्रैक्टिकल के नंबरों पर क्या कहा?

CBSE Board Exam 2026:सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में इस बार कई बदलाव किए गए हैं, जिन्हें लेकर छात्र कंफ्यूज हैं। सीबीएसई बोर्ड एग्जाम कंट्रोलर ने छात्रों के भ्रम दूर करने के लिए सवालों का जवाब दिया है। जानिए उन्होंने प्रैक्टिकल और इंटरनल एसेस्मेंट पर क्या कहा

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 24, 2026 पर 9:17 PM
CBSE Board Exam 2026: सिर्फ थ्योरी पेपर का ही होगा री-एसेसमेंट, जानें परीक्षा कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने प्रैक्टिकल के नंबरों पर क्या कहा?
इस सत्र में बोर्ड ने परीक्षा के पैटर्न में कई तरह के बदलाव किए हैं।

CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के शैक्षिक सत्र 2025-26 की 10वीं और 12वीं कक्षा की थ्योरी परीक्षाएं चल रही हैं। इस सत्र में बोर्ड ने परीक्षा के पैटर्न में कई तरह के बदलाव किए हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों में कई मामलों पर काफी कंफ्यूजन है। वे इम्प्रूवमेंट परीक्षा और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया से लेकर 12वीं कक्षा पास करने के बाद मिलने वाले अटेम्प्ट तक, और क्या दो-बोर्ड परीक्षा व्यवस्था 10वीं कक्षा से आगे भी जारी रहेगा, जैसे मुद्दों पर स्पष्टता चाहते हैं। खासकर प्रैक्टिकल परीक्षा, इंटर्नल असेसमेंट और अनुपस्थित रहने की स्थिति को लेकर। हाल ही में बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने एक इंटरव्यू में छात्रों के इन सभी आशंकाओं का स्पष्ट समाधान दिया है।

प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं दे पाए तो

बोर्ड परीक्षा देने वाले किसी छात्र की प्रैक्टिकल परीक्षा अगर मिस हो जाती है, तो उसे तुरंत फेल नहीं माना जाएगा। सीबीएसई ने अपना ऑनलाइन सिस्टम इस तरह से बनाया है कि स्कूल परीक्षा को रीशेड्यूल कर सकते हैं या छात्र को एब्सेंट मार्क कर सकते हैं। ऐसे मुद्दों को हल करने के लिए बोर्ड की इजाजत से स्कूल आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।

क्या प्रैक्टिकल के अंकों में सुधार संभव है?

सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं में, प्रैक्टिकल के अंकों में सुधार करने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह व्यवस्था सिर्फ थ्योरी के लिए लागू है। इसलिए छात्रों को पहली बार में ही प्रैक्टिकल पर पूरा ध्यान देना आवश्यक है

10वीं कक्षा में नोटबुक और फाइल के लिए मिलेंगे 5 अंक

10वीं में इंटरनल असेसमेंट मार्क्स के लिए नोटबुक जमा करना मायने रखता है। पूरे वर्ष किए गए प्रयोग, गतिविधियां और लैब के काम का सही रिकॉर्ड रखना जरूरी है। प्रैक्टिकल के लिए पांच अंक निर्धारित हैं और ये अंक निरंतर मूल्यांकन के आधार पर दिए जाते हैं। प्रैक्टिकल असेसमेंट लगातार होता है। सिलेबस में लिस्टेड सभी प्रैक्टिकल काम पूरे करने होंगे।

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