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CBSE new curriculum 2026: 2031 से अनिवार्य होगी 10वीं कक्षा में तीसरी भाषा, इस साल से कक्षा 6 के छात्र शुरू करेंगे पढ़ाई

CBSE new curriculum 2026: सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई करने वाले कक्षा 6 और 9 के छात्रों के कोर्स में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसकी घोषणा सीबीएसई ने हाल ही में की है। आइए जानें छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए इस बदलाव का क्या मतलब है और इसे कैसे लागू किया जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 04, 2026 पर 1:22 PM
CBSE new curriculum 2026: 2031 से अनिवार्य होगी 10वीं कक्षा में तीसरी भाषा, इस साल से कक्षा 6 के छात्र शुरू करेंगे पढ़ाई
सीबीएसई बोर्ड से 9 कक्षा में गणित और विज्ञान में टू-टियर सिस्टम भी शुरू कर रहा है।

CBSE new curriculum 2026: सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6 और 9 में दाखिल होने वाले छात्र इन बदलावों से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। कक्षा 6 के छात्रों के लिए इस साल से तीसरी भाषा को जरूरी किया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा हाल ही में करिकुलम में नए बदलावों की घोषणा की गई है। इसके तहत 2031 तक धीरे-धीरे 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में तीसरी भाषा को जरूरी कर दिया जाएगा, जिसकी शुरुआत इस साल कक्षा 6 से होगी।

यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के मुताबिक है, जो 10वीं तक कई भाषाओं में पढ़ाई को बढ़ावा देती है। अभी, छात्र सिर्फ़ दो भाषाएं पढ़ते हैं, लेकिन नए फ्रेमवर्क का मकसद भाषा की काबिलियत बढ़ाना और भारतीय भाषा की पढ़ाई को मजबूत करना है।

क्लास 6 से तीसरी भाषा शुरू होगी

नए बदलावों के तहत, तीसरी भाषा (R3) इसी शैक्षिक सत्र से कक्षा 6 से शुरू की जाएगी। यह तुरंत कक्षा 9 के छात्रों पर लागू नहीं होगी। सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह ने चरणबद्ध दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा, “इस साल कक्षा 6 में R3 स्तर की टेक्स्टबुक्स शुरू की जाएंगी। इस साल कक्षा 6 के छात्र 2031 में 10वीं बोर्ड परीक्षा देंगे। इसी साल से पूरी स्कीम बदल जाएगी, और थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला पूरी तरह से लागू हो जाएगा।”

उन्होंने सीबीएसई के नए सेकेंडरी स्कूल करिकुलम के लॉन्च पर कहा कि ये पूरा बदलाव धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके लागू किया जाएगा। नए करिकुलम फ्रेमवर्क वाला पहला बैच 2031 में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा देगा।

फॉरेन लैंग्वेज मानी जा सकती है इंग्लिश

सूत्रों के मुताबिक, नए पाठ्यक्रम में छात्रों को सिर्फ एक विदेशी भाषा पढ़ने तक सीमित किया जा सकता है। इंग्लिश को इस श्रेणी में रखे जाने की उम्मीद है यानी छात्र बोर्ड परीक्षा में अंग्रेजी के साथ दूसरी विदेशी भाषा को नहीं चुन पाएंगे। यह फ्रेमवर्क थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला के हिस्से के तौर पर कम से कम दो इंडियन लैंग्वेज सीखने पर जोर देता है। तीसरी भाषा के लिए लर्निंग रिसोर्स जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है, जिससे स्कूल और छात्र ये बदलाव आसानी से अपना सकेंगे।

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