UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UPMSP) से 2026 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। यूपी बोर्ड के छात्रों की थ्योरी परीक्षा जहां 18 फरवरी से शुरू होगी, वहीं 12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 24 जनवरी से होंगी। बोर्ड प्रशासन परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता या नकल रोकने के लिए सभी तरह के प्रयास कर रहा है। इसके मद्देनजर बोर्ड ने परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को लेकर कड़े फैसले लिए हैं।
इनमें, जहां 896 शिक्षकों को शामिल होने से रोकने का निर्देश दिया है। वहीं, कुछ शिक्षकों की परीक्षा ड्यूटी को इस साल बहाल करने का भी फैसला किया है। राज्य में सबसे ज्यादा प्रतिबंधित शिक्षक प्रयाराज क्षेत्रीय कार्यालय के हैं। इसके अलावा 70 शिक्षकों पर बोर्ड ने आजीवन प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। बोर्ड ने सभी जिला स्कूल निरीक्षकों को प्रतिबंधित शिक्षकों की सूची आधिकारिक तौर पर भेज दी है, ताकि पूरे राज्य में आदेश का सख्ती से पालन हो सके।
बोर्ड ने यह बड़ा प्रशासनिक कदम 24 जनवरी से शुरू होने वाली इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षाओं से ठीक पहले उठाया है। बोर्ड ने साफ निर्देश दिया है कि प्रतिबंधित शिक्षकों में से किसी को भी परीक्षा से संबंधित कोई भी ड्यूटी नहीं दी जाएगी, जिसमें इनविजिलेशन, सुपरविजन या आंसर शीट का मूल्यांकन शामिल है।
प्रतिबंधित शिक्षकों को कोई परीक्षा ड्यूटी नहीं
बोर्ड के निर्देश के अनुसार, प्रतिबंधित शिक्षकों की परीक्षा प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं होगी। उन्हें परीक्षा इनविजिलेटर, परीक्षक, केंद्र सुपरवाइजर या आंसर शीट के मूल्यांकनकर्ता के रूप में काम करने की अनुमति नहीं होगी। इस आदेश का मकसद 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक पारदर्शी, निष्पक्ष और बिना किसी गड़बड़ी वाली परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना है।
बोर्ड द्वारा जारी सूची में शामिल सबसे ज्यादा प्रतिबंधित शिक्षक प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के हैं। यहां के जिसमें 241 शिक्षकों पर रोक लगाई गई है। इनमें से भी प्रयागराज में 70 शिक्षकों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी परीक्षा से संबंधित काम में अनिश्चित काल के लिए शामिल होने से रोका गया है। अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में प्रतिबंध लगाए गए हैं :
कुछ शिक्षकों को किया गया बहाल
बोर्ड ने 2025 तक प्रतिबंधित कुछ शिक्षकों को आने वाली बोर्ड परीक्षाओं में परीक्षा ड्यूटी पर बहाल करने का भी फैसला किया है। हालांकि, कई अन्य को 2026 तक प्रतिबंधित किया गया है, जबकि कुछ पर 2027 तक प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रैक्टिकल परीक्षाएं नजदीक आने और उसके तुरंत बाद मुख्य बोर्ड परीक्षाएं होने के साथ, यूपी बोर्ड की यह सख्त कार्रवाई परीक्षा अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने की उसकी प्रतिबद्धता को दिखाती है। जिलों में इन प्रतिबंधों को लागू करके, बोर्ड का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि 2026 की परीक्षाएं सुरक्षित, निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से हों।