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अब सिलेक्टेड उम्मीदवार नहीं भर सकेंगे UPSC CSE का फॉर्म! नियमों में हुए बड़े बदलाव, रैंक सुधार के लिए बार-बार एग्जाम देने पर लगी पाबंदी

UPSC CSE 2026 New Rules: नए नियमों के अनुसार, अगर कोई उम्मीदवार पहले से ही IAS या IFS है और सेवा में बना हुआ है, तो वह CSE 2026 में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा। यहां तक कि अगर किसी का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेंस परीक्षा से पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मेंस देने की अनुमति नहीं मिलेगी

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 8:34 AM
अब सिलेक्टेड उम्मीदवार नहीं भर सकेंगे UPSC CSE का फॉर्म! नियमों में हुए बड़े बदलाव, रैंक सुधार के लिए बार-बार एग्जाम देने पर लगी पाबंदी
इस वर्ष कुल 933 पदों पर भर्ती निकाली गई है, जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी है

UPSC CSE 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के साथ ही उन उम्मीदवारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है जो पहले से ही किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं। इस वर्ष कुल 933 पदों पर भर्ती निकाली गई है, जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी है। नए नियमों के तहत IAS, IFS और विशेष रूप से IPS में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों के दोबारा परीक्षा देने पर अधिक स्पष्ट और सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बार-बार पद आवंटन की प्रक्रिया को आसान बनाना और सेवाओं में स्थिरता लाना है।

IAS, IFS और IPS के लिए क्या हैं नई पाबंदियां?

नए नियमों के अनुसार, अगर कोई उम्मीदवार पहले से ही IAS या IFS है और सेवा में बना हुआ है, तो वह CSE 2026 में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा। यहां तक कि अगर किसी का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेंस परीक्षा से पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मेंस देने की अनुमति नहीं मिलेगी। IPS के लिए एक विशेष नियम यह जोड़ा गया है कि अगर कोई उम्मीदवार पिछली परीक्षाओं के आधार पर IPS के लिए चुना जा चुका है, तो वह 2026 के रिजल्ट के आधार पर दोबारा IPS कैडर का विकल्प नहीं चुन पाएगा।

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