Bijwasan Chunav Result Updates: बिजवासन विधानसभा सीट पर बीजेपी को शानदार जीत मिली है। दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही आम आदमी पार्टी से बीजेपी में गए कैलाश गहलोत को 64951 वोट मिले हैं और आम आदमी पार्टी के सुरेंद्र भारद्वाज से 11276 मतों के अंतर से जीते हैं। सुरेंद्र भारद्वाज को 53675 वोट मिले हैं जबकि कांग्रेस के देवेंद्र कुमार सेहरावत को 9409 वोट।
अगली दिल्ली विधानसभा की तस्वीर आज साफ हुई और बीजेपी ने लंबे समय बाद वापसी की है। इसकी 70 सीटों में से एक सीट बिजवासन की है जिस पर इस बार बीजेपी के कैलाश गहलोत ने जीत हासिल की है। खास बात ये है कि पहले यह आम आदमी पार्टी में थे जिन्होंने पिछले साल नवंबर 2024 में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी। आम आदमी पार्टी की तरफ से इस बार चुनावी मैदान में सुरेंदर भारद्वाज और कांग्रेस की तरफ से देविंद्र कुमार सेहरावत मैदान में थे। यह विधानसभा साउथ दिल्ली लोकसभा सीट का एक हिस्सा है।
कैलाश गहलोत फिलहाल सुरेंद्र भारद्वाज से 7515 मतों से आगे चल रहे हैं।
बीजेपी के कैलाश गहलोत को 37035, आम आदमी पार्टी के सुरेंद्र भारद्वाज को 30350 और कांग्रेस के देवेंद्र कुमार सेहरावत को 3994 वोट मिल चुके हैं।
कैलाश गहलोत अब 6185 मतों से आगे हैं।
कैलाश गहलोत अब 4518 मतों से आगे हैं।
बीजेपी के कैलाश गहलोत 3047 मतों के अंतर से आम आदमी पार्टी के सुरेंद्र भारद्वाज से आगे चल रहे हैं।
कैलाश गहलोत को अब तक 20114 वोट मिले हैं, सुरेंद्र भारद्वाज को 17089 और कांग्रेस के देविंद्र कुमार सेहरावत को 1457 वोट।
कैलाश गहलोत अब 3084 मतों से आगे हैं यानी फासला कम हो रहा है।
बीजेपी के कैलाश गहलोत अब 6524 मतों से आगे।
पहले राउंड में बीजेपी के कैलाश गहलोत आम आदमी पार्टी के सुरेंदर भारद्वाज से 2217 मतों से आगे हैं।
अब तक किसे-किसे विधानसभा भेजा बिजवासन की जनता ने
बिजवासन विधानसभा सीट पहली बार वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में अस्तित्व में आई थी। उस वर्ष यहां से भारतीय जनता पार्टी के सत प्रकाश राणा ने यहां भगवा लहराया था। उनका परचम अगले विधानसभा यानी 2013 के लोकसभा चुनाव में भी कायम रहा। हालांकि फिर आम आदमी पार्टी की आंधी आई और लगातार दो बार के चुनावों यानी 2014 और 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की। 2015 के चुनाव में यहां से देविंदर सेहरावत और 2020 के चुनाव में भूपिंदर सिंह जून जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इस बार बीजेपी के कैलाश गहलोत विधानसभा पहुंचे हैं।
Delhi Assembly Election: 70 सीटें है विधानसभा में
दिल्ली विधानसभा में 70 सीटें हैं, जिस पर इस बार 699 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में लॉक हुई थी। राज्य की मान्यता मिलने के बाद पहली बार यहां 1993 में चुनाव हुए थे और उस समय बीजेपी ने सरकार बनाई थी। बीजेपी की पांच साल की सरकार में तीन मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज मुख्यमंत्री थे। इसके बाद आया दौर शीला दीक्षित का जो 1998 से लगातार तीन बार जीतीं और 2013 तक मुख्यमंत्री रहीं। उसके बाद आम आदमी पार्टी की आंधी आई और 2013 से उनकी आम आदमी पार्टी जीत रही है लेकिन 2020 में उन्हें गद्दी छोड़नी पड़ी और आम आदमी पार्टी की आतिशी को मुख्यमंत्री पद मिला। इस बार सरकार बनाने के लिए बीजेपी को बहुमत मिला।