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दिल्ली विधानसभा चुनाव ने पकड़ी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की राह! अलग-अलग दलों ने खेला धार्मिक कार्ड

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: पांच फरवरी को होने वाले चुनाव में यह देखने को मिल रहा है कि आम आदमी पार्टी ‘धर्म’ का दामन थामकर ‘चुनावी मझधार’ पार करना चाहती है। ‘आप’ ऐसा करके BJP को उसी के अंदाज में पराजित करना चाहती है। दोनों दलों ने गरीब और हाशिये पर पड़े हिंदुओं को धोखा देने और वोट बैंक को मजबूत करने के लिए एक-दूसरे पर अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 18, 2025 पर 11:13 PM
दिल्ली विधानसभा चुनाव ने पकड़ी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की राह! अलग-अलग दलों ने खेला धार्मिक कार्ड
दिल्ली विधानसभा चुनाव ने पकड़ी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की राह!

दिल्ली का विधानसभा चुनाव ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की राह पकड़ चुका है, क्योंकि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच पुजारियों और इस तरह के लोगों का सबसे बड़ा हितैषी बनने की होड़ लगी हुई है। पांच फरवरी को होने वाले चुनाव में यह देखने को मिल रहा है कि आम आदमी पार्टी ‘धर्म’ का दामन थामकर ‘चुनावी मझधार’ पार करना चाहती है। ‘आप’ ऐसा करके BJP को उसी के अंदाज में पराजित करना चाहती है।

अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने हाल ही में घोषणा की है कि अगर उनकी पार्टी दिल्ली में सत्ता में लौटती है तो ‘पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना’ लागू की जाएगी, जिसके तहत मंदिर के पुजारियों और गुरुद्वारे के ग्रंथियों को प्रतिमाह 18,000 रुपए का मानदेय दिया जाएगा।

धार्मिक स्थलों को हर महीने 500 यूनिट फ्री बिजली

इसके जवाब में BJP मंदिरों और गुरुद्वारों सहित अलग-अलग पूजा स्थलों को हर महीने 500 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा कर सकती है।

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