दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के घर पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम पहुंच गई है। साथ ही ACB की एक टीम सांसद संजय सिंह के घर भी पहुंच रही है। ये सब अरविंद केजरीवाल के BJP पर खरीद-फरोख्त करने आरोप लगाने और LG वीके सक्सेना की सिफारिश के बाद हो रहा है। इस बीच संजय सिंह ने कहा कि मैं खुद ही ACB के दफ्तर जा रहा हूं, उन्हें घर आने की जरूरत नहीं।
विधानसभा चुनाव के रिजल्ट से पहले अरविंद केजरीवाल ने BJP पर AAP के उम्मीदवारों को खरीदने का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि भगवा पार्टी AAP विधायकों और उम्मीदवारों को अपनी तरफ आने के लिए 15 करोड़ रुपए तक का ऑफर दे रही है।
AAP के इस गंभीर आरोप की शिकायत भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के उपराज्यपाल से की, जिसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो से इस मामले की जांच की सिफारिश की।
इस सब की शुरुआत अरविंद केजरीवाल के आरोपों से हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोगों की ओर से AAP के उम्मीदवारों को फोन कर 15-15 करोड़ रुपए का ऑफर दिया जा रहा है।
AAP का आरोप है कि उसके कई विधायकों को 'फोन आए हैं कि 15 करोड़ ले लो या मंत्री बना देंगे'। पार्टी का दावा है कि जिन लोगों को फोन आए हैं उन्होंने फोन नंबर ऑलरेडी डिक्लेयर कर दिया है।
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, "विधानसभा चुनाव लड़ने वाले (आप के) सात विधायकों से संपर्क किया गया और उन्हें 15 करोड़ रुपए की पेशकश की गई। वे (बीजेपी) पार्टियों को तोड़कर चुनाव जीतना चाहते हैं। हमने विधायकों से कहा है कि वे ऐसे ऑडियो कॉल रिकॉर्ड करें और अगर कोई उनसे मिले, तो सीक्रेट कैमरे से इसका वीडियो भी बनाएं।"
आम आदमी पार्टी पर ACB की कार्रवाई पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, "संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल, अगर आप झूठ बोलेंगे तो नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें। मैंने सुबह भी यही कहा था और फिर से कह रहा हूं। ऐसा नहीं चलेगा कि आप कुछ भी बेबुनियाद कहें और उसका खामियाजा न भुगतना पड़े। आपने जो आरोप लगाए हैं, वे घटिया और बेबुनियाद हैं। अगर आपके पास तथ्य हैं, तो पेश करें, नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। आप जिस तरह की निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं, वो दिल्ली जनता को स्वीकार नहीं है। हर चुनाव से पहले - चाहे वो नगर निगम हो या लोकसभा - आपका प्रचार शुरू हो जाता है, लेकिन दिल्ली के लोग इसे पसंद नहीं करते।"