AAP नेता सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का चलेगा मुकदमा, राष्ट्रपति मुर्मू ने ED को दी मंजूरी

Delhi Politics: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता सत्येंद्र जैन पर मुकदमा चलाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मंजूरी दे दी है। सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद नई कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है

अपडेटेड Feb 18, 2025 पर 7:08 PM
Delhi Politics: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार में सत्येंद्र जैन स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं

Delhi Politics News: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ने वाली है। सूत्रों ने मंगलवार (18 फरवरी) को बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पर मुकदमा चलाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मंजूरी दे दी है। सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद नई कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। गृह मंत्रालय (MHA) की तरफ से 14 फरवरी, 2025 को किए गए अनुरोध के बाद 18 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति की तरफ से यह मंजूरी दी गई है।

पिछले हफ्ते गृह मंत्रालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के तहत 60 वर्षीय AAP नेता के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय ने ईडी की जांच और पर्याप्त सबूत की मौजूदगी के आधार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह अनुरोध किया था। जांच एजेंसी ने जैन पर हवाला सौदों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में मामला दर्ज किया और मई 2022 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

ED ने जब जैन को हिरासत में लिया, उस वक्त उनके पास स्वास्थ्य, ऊर्जा और कुछ अन्य विभाग का प्रभार था। जैन फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं। ED ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला अगस्त 2017 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जैन और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज की गई FIR से जुड़ा हुआ है।


AAP नेता पर क्या है आरोप?

सीबीआई ने दिसंबर 2018 में आरोपपत्र दाखिल किया था। उसमें कहा गया था कि आय से कथित तौर पर अधिक संपत्ति 1.47 करोड़ रुपये की थी, जो 2015-17 के दौरान जैन की आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 217 प्रतिशत अधिक थी। ईडी ने इससे पहले कहा था कि उसकी जांच में पता चला कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोक सेवक थे। जबकि उनकी चार कंपनियों (जिनका स्वामित्व और नियंत्रण उनके पास था) ने हवाला के जरिए 4.81 करोड़ रुपये प्राप्त किए, जो मुखौटा कंपनियां थीं।

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एजेंसी ने आरोप पत्र में आगे कहा था, "इन राशियों का इस्तेमाल कृषि भूमि खरीदने या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि खरीदने के मकसद से लिए गए लोन के रिपेमेंट के लिए किया गया।" दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पहले जैन का बचाव करते हुए कहा था कि वह एक कट्टर ईमानदार और देशभक्त हैं, जिन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।

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