Delhi Assembly polls 2025: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह को दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर पैरोल मिल गई है। राम रहीम सिंह को 30 दिन की पैरोल मिलने के बाद मंगलवार (28 जनवरी) को हरियाणा के रोहतक की जेल से रिहा कर दिया गया। राम रहीम को ऐसे समय में पैरोल दी गई है जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए पांच फरवरी को मतदान होना है। सूत्रों ने बताया कि 57 वर्षीय राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आने के बाद हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय की ओर रवाना हुआ।
पैरोल मिलने के बाद गुरमीत राम रहीम सिंह हरियाणा के सिरसा स्थित अपने डेरा पहुंचा। मंगलवार को राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल से सात गाड़ियों के काफिले के साथ निकलते हुए देखा गया। मंगलवार सुबह 8:40 बजे वह सिरसा स्थित डेरा पहुंचा। दो महिला शिष्यों से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद यह उनका पहला सिरसा डेरा दौरा है।
रेप का दोषी 20 साल की काट रहा सजा
राम रहीम 2017 में अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में 20 साल कारावास की सजा काट रहा है। जेल की सजा सुनाए जाने के बाद से यह पहली बार है कि जब राम रहीम सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय गया है। इससे पहले, वह पैरोल के दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत में डेरा आश्रम में रहा था।
डेरा प्रमुख के एक वकील ने पीटीआई को बताया कि राम रहीम को 30 दिन की पैरोल दी गई है। वह संभवत: 10 दिन सिरसा में और बाकी दिन बागपत स्थित आश्रम में रहेगा। सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय पहुंचने के बाद राम रहीम ने अपने समर्थकों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने उनसे डेरा न आने को कहा।
सिरसा के एक पुलिस अधिकारी ने राम रहीम के डेरा पहुंचने की पुष्टि की। डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय सिरसा में है। इसके हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में समर्थक हैं।
हरियाणा चुनाव से पहले मिली थी पैरोल
राम रहीम सिंह की पिछली पैरोल ज्यादातर उत्तर भारतीय राज्यों में चुनावों के समय ही हुई है। इससे पहले राम रहीम को पिछले साल एक अक्टूबर को 20 दिन की पैरोल दी गई थी। तब भी पैरोल ऐसे समय में दी गई थी जब पांच अक्टूबर को हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। पहले भी राम रहीम को कुछ फरलो और पैरोल पंजाब, हरियाणा और पड़ोसी राज्यों में चुनाव की तारीखों के आस-पास दी गईं। उसे पंजाब विधानसभा चुनाव से लगभग दो हफ्ते पहले सात फरवरी, 2022 से तीन हफ्ते की फरलो दी गई थी।
बार-बार पैरोल मिलने पर सवाल
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) जैसे सिख संगठन राम रहीम को यह राहत दिए जाने की आलोचना कर चुके हैं। मई में हाई कोर्ट ने राम रहीम और चार अन्य को 2002 में हुई डेरा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में दोषपूर्ण और अस्पष्ट जांच का हवाला देते हुए बरी कर दिया था।
सिंह के पैरोल पर बाहर आने पर निराशा व्यक्त करते हुए शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर लिखा, "बस उन्हें रिहा कर दो। कम से कम बार-बार पैरोल का तमाशा खत्म हो जाएगा। पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने का दिखावा भी खत्म हो जाएगा।" 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह पहली बार होगा जब सिंह सिरसा में अपने आश्रम का दौरा करेगा।