पश्चिम बंगाल के मंत्री और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी फिर्हाद हकीम ने कहा है कि AIMIM और पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर के गठबंधन से मुस्लिम वोट बंटने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस गठबंधन को बीजेपी फंड कर रही है।
पश्चिम बंगाल के मंत्री और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी फिर्हाद हकीम ने कहा है कि AIMIM और पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर के गठबंधन से मुस्लिम वोट बंटने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस गठबंधन को बीजेपी फंड कर रही है।
एक इंटरव्यू में हकीम ने कहा कि ममता बनर्जी के शासन में सभी समुदाय खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल कभी गुजरात या उत्तर प्रदेश जैसे बीजेपी शासित राज्यों की राह पर नहीं चलेगा।
हाल ही में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिससे मुस्लिम वोटों के बंटने की चर्चा हो रही है। लेकिन हकीम का कहना है कि इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “बंगाल के मुसलमान काफी जागरूक हैं। यहां लोग खुद को सिर्फ हिंदू या मुसलमान के रूप में नहीं देखते। यहां के मुसलमान और हिंदू दोनों सेक्युलर सोच रखते हैं।”
हकीम ने AIMIM और कबीर की पार्टी को “सांप्रदायिक” बताया और कहा कि इनके पीछे बीजेपी का हाथ है।
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर को 2025 में टीएमसी से निकाल दिया गया था, जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने की बात कही थी।
हकीम ने कहा कि इस तरह के मुद्दे कुछ खास लोगों के फायदे के लिए उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर मुस्लिम वोट बंटेगा, तो इसका फायदा किसे होगा? जाहिर है, उसी को जो इसे सपोर्ट कर रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ओवैसी पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन बंगाल बिहार या यूपी जैसा नहीं है। यहां न हिंदू और न ही मुसलमान सांप्रदायिक राजनीति को स्वीकार करेंगे।
बीजेपी के “मुस्लिम तुष्टिकरण” के आरोप पर हकीम ने कहा कि ममता बनर्जी हमेशा गरीब और पिछड़े वर्गों के विकास पर ध्यान देती हैं। उन्होंने जंगलमहल और अमलासोल जैसे इलाकों का उदाहरण दिया, जहां पहले काफी पिछड़ापन और नक्सल समस्या थी, लेकिन अब विकास हुआ है।
उन्होंने कहा, “सरकार का काम है कि जो लोग पीछे हैं, उन्हें आगे लाया जाए। बीजेपी लोगों के दिमाग में हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा डाल रही है।”
बंगाल में चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे।
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