West Bengal elections 2026: पश्चिम बंगाल में राम नवमी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 3,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हथियार ले जाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही शोभा यात्रा में शामिल होने वालों की संख्या 500 तक सीमित कर दी गई है। अधिकारी ने कहा, "राज्य भर में लगभग 3,000 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे और 500 से अधिक लोगों वाली शोभा यात्रा को अनुमति नहीं दी जाएगी।"
उन्होंने कहा, "यदि शोभा यात्रा नियमों के अनुरूप नहीं निकाली गई तो उसे तत्काल रोक दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" अधिकारी ने बताया, "हावड़ा, चंदननगर और इस्लामपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) समेत केंद्रीय बलों को अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें तैनात किया जाएगा।"
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मुख्य सचिव, गृह सचिव, DGP, एडीजी (कानून व्यवस्था) और सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।
अधिकारियों के अनुसार, राम नवमी के अवसर पर शोभा यात्रा 26 से 29 मार्च के बीच पूरे राज्य में निकाले जाने की संभावना है। इनमें से सबसे अधिक शोभा यात्राएं गुरुवार (26 मार्च) को निकाले जाने की उम्मीद है। जिला अधिकारियों को सभी शोभा यात्रा अदालत के दिशानिर्देशों के अनुपालन में आयोजित किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
हावड़ा में रामनवमी शोभायात्रा निकालने की अनुमति
कलकत्ता हाई कोर्ट ने हावड़ा में 26 मार्च को एक संगठन को रामनवमी शोभायात्रा निकालने की अनुमति दे दी है। लेकिन हथियार ले जाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए। गैर-लाभकारी संगठन अंजनी पुत्र सेना ने हाई कोर्ट में यह दावा करते हुए याचिका दायर की थी कि पुलिस ने हावड़ा शहर में रामनवमी के अवसर पर शोभायात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने दावा किया कि संगठन पिछले 25 वर्षों से रामनवमी पर शोभायात्रा निकाल रहा है।
अदालत ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) को उसी दिन दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक वहां रामनवमी रैली आयोजित करने की 20 मार्च को अनुमति दी थी। पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अंजनी पुत्र सेना को शोभायात्रा सुबह के समय निकालने की अनुमति देने का अनुरोध किया।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने संगठन को 26 मार्च को सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर एक बजे के बीच शोभायात्रा निकालने की अनुमति दी। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह विश्व हिंदू परिषद की रैली के समय ना हो। अदालत ने कुछ शर्तें लगाते हुए आयोजकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी समय लोगों की संख्या 500 से अधिक न हो और शोभायात्रा में किसी भी प्रकार का हथियार प्रदर्शित न किया जाए।
जस्टिस भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि शोभायात्रा में केवल एक ही वाहन को अनुमति दी जाएगी, जिसमें झांकी और भगवान राम की प्रतिमा ले जाई जाएगी। अदालत ने निर्देश दिया कि हालांकि, शोभायात्रा में शामिल लोगों को झंडे या कोई अन्य प्रतीकात्मक हथियार ले जाने की अनुमति होगी, जो केवल पीवीसी से बने होने चाहिए।