Mamata Vs Suvendu Adhikari: वोटिंग के बीच जब एक ही बूथ पर पहुंचे ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी
Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार (29 अप्रैल) को अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा किया, जहां मतदान जारी है। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जहां उनकी नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से प्रतिष्ठा की लड़ाई है
Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari: नंदीग्राम में 2021 में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हरा दिया था
Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी बुधवार (29 अप्रैल) सुबह भवानीपुर के चक्रबेड़िया स्थित एक ही मतदान केंद्र क्षेत्र में पहुंचे। इस दौरान बिना किसी सीधे संवाद या औपचारिक अभिवादन के एक-दूसरे पर तंज कसते नजर आए। बनर्जी चक्रबेड़िया के वार्ड नंबर 70 में स्थानीय तृणमूल नेताओं को कथित तौर पर डराने-धमकाने की शिकायत मिलने के बाद मतदान केंद्र के बाहर बैठी हुई थीं, तभी अधिकारी भी वहां पहुंचे। हालांकि, दोनों आमने-सामने नहीं आए।
बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर केंद्रीय बलों, पुलिस पर्यवेक्षकों और चुनाव अधिकारियों के जरिए चुनाव में धांधली करने की कोशिश का आरोप लगाया। जबकि अधिकारी ने इन आरोपों को हताशा का संकेत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को एहसास हो गया है कि उन्हें एक भी वोट नहीं मिल रहा।
नंदीग्राम और भवानीपुर से BJP उम्मीदवार अधिकारी ने कहा, "ममता बनर्जी डरी हुई हैं। उनकी पुलिस को केंद्रीय बलों से बदल दिया गया है, इसलिए वह घबराई हुई हैं। चुनाव आयोग ने यहां सीएपीएफ तैनात किए हैं, तो अगर उन्हें कोई समस्या है तो उन्हें निर्वाचन आयोग के पास जाना चाहिए। उनके साथ 40-50 लोग क्यों आए हैं?"
उन्होंने आगे कहा, "आज मतदाताओं का दिन है। मैंने यह साफ कर दिया है और जहां जरूरत होगी वहां जाऊंगा। इस बार किसी को बख्शा नहीं जाएगा। लोगों को वोट डालने दिया जाना चाहिए। मैं भवानीपुर से कम से कम 30,000 वोटों के अंतर से जीतूंगा।"
खुद चुनावी मैदान में उतरीं ममता
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख आमतौर पर मतदान के दिन दोपहर में अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में वोट डालने जाती हैं। लेकिन इस बार परंपरा को तोड़ते हुए वह सुबह आठ बजे से पहले ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करने निकल पड़ीं, जिससे इस सीट और दक्षिण बंगाल की बड़ी राजनीतिक लड़ाई का संकेत मिला।
दूसरे और अंतिम चरण में 142 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शुरू होने के साथ ही बनर्जी चेतला, पद्मपुकुर और चक्रबेड़िया क्षेत्रों में घूमती रहीं। सीएम ने मतदान केंद्रों का दौरा किया। स्थानीय नेताओं से बात की और वार्ड नंबर 70 के मतदान केंद्र के बाहर बैठ गईं। वहां शिकायत थी कि स्थानीय पार्षद को घर से बाहर निकलने से रोका जा रहा है।
बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, "BJP इस चुनाव में धांधली करना चाहती है। पश्चिम बंगाल में चुनाव आमतौर पर शांतिपूर्ण होते हैं। क्या यहां गुंडा राज है?" उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक मानकों से गंभीर समझौता किया गया है। उन्होंने केंद्रीय बलों और चुनाव पर्यवेक्षकों पर BJP के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और कहा कि तृणमूल कार्यकर्ताओं और नेताओं को जिलों में चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, "कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और BJP के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। वे थानों में जाकर दबाव बना रहे हैं। वे सभी तृणमूल एजेंटों को गिरफ्तार करने को कह रहे हैं। मेरी पार्टी की युवा इकाई के अध्यक्ष को आज सुबह पकड़ लिया गया और बाद में छोड़ा गया।"
पूरी रात सो नहीं पाईं सीएम
बनर्जी ने दावा किया कि वह और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पूरी रात स्थिति पर नजर रखने के लिए जागते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा, "कल रात पूरे पश्चिम बंगाल में अत्याचार हुए। हम पूरी रात जागते रहे। हमारे कार्यकर्ता मरने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे।"
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी लोगों को निर्वाचन क्षेत्र में लाया जा रहा है और मतदान शुरू होने से पहले तृणमूल के सभी झंडे हटा दिए गए। पत्रकारों को वीडियो दिखाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल के जवान वार्ड नंबर 70 के पार्षद के घर गए, जब वहां केवल उनकी पत्नी मौजूद थीं।
BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बनर्जी सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का सुबह-सुबह मतदान केंद्रों का दौरा करना उनकी हताशा को दर्शाता है।
इन जिलों में हो रहा है मतदान
कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्दवान जिलों की 142 सीटों पर मतदान जारी है। ये जिले राज्य की राजनीति और चुनावी समीकरण का केंद्र माने जाते हैं और तृणमूल का पारंपरिक दक्षिणी गढ़ हैं।
इस चरण का परिणाम सत्तारूढ़ तृणमूल और BJP दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BJP 2021 में इन 142 सीटों में से केवल 18 सीटों तक सीमित रही थी। जबकि तृणमूल ने 123 और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) ने एक सीट जीती थी।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 93.19 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत था। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा और मतगणना चार मई को होगी।