'एक लाख मतुआ वोट न दें तो भी चलेगा', शांतनु ठाकुर के इस बयान पर मचा बवाल, TMC और BJP समर्थकों के बीच हुई भिड़ंत

शांतनु ठाकुर उत्तर 24 परगना के बांगांव के गरापोटा इलाके में एक विरोध मार्च में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने SIR को लेकर बयान देते हुए कहा था कि, "अगर 50 लाख घुसपैठियों को रोकने के लिए हमारे समुदाय के एक लाख लोग वोट नहीं दे पाते हैं, तो हमें इसे स्वीकार करना होगा

अपडेटेड Dec 24, 2025 पर 7:26 PM
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शांतनु ठाकुर के इस बयान पर मचा बवाल, TMC और BJP समर्थकों के बीच हुई भिड़ंत

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतुआ समुदाय को लेकर राजनीति तेज होती जा रही है। उत्तर 24 परगना के ठाकुरबाड़ी इलाके में बुधवार (24 दिसंबर) को अचानक तनावपूर्ण हालात बन गए। केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की एक टिप्पणी के बाद उनके समर्थकों और TMC सांसद ममता बाला ठाकुर के समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि इलाके में डर और गुस्से का माहौल फैल गया।

दरअसल, सोमवार को शांतनु ठाकुर उत्तर 24 परगना के बांगांव के गरापोटा इलाके में एक विरोध मार्च में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने SIR को लेकर बयान देते हुए कहा था कि, "अगर 50 लाख घुसपैठियों को रोकने के लिए हमारे समुदाय के एक लाख लोग वोट नहीं दे पाते हैं, तो हमें इसे स्वीकार करना होगा।"

उनके इस बयान आने के बाद विवाद बढ़ गया। मतुआ समुदाय के एक बड़े हिस्से ने अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। बयान सामने आते ही ममता बाला ठाकुर के समर्थकों में नाराजगी फैल गई और वे जवाब मांगने ठाकुरबाड़ी पहुंचे।


ममता बाला ठाकुर के समर्थकों का आरोप है कि जब वे शांतनु ठाकुर से सवाल पूछने पहुंचे, तो उनके समर्थकों ने हमला कर दिया। आरोप है कि एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर थप्पड़, लात और घूंसे मारे गए, जिससे उसे गंभीर चोटें आई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, "हम सिर्फ जवाब मांगने गए थे, लेकिन शांतनु ठाकुर के समर्थकों ने हम पर हमला कर दिया।"

वहीं, TMC सांसद ममता बाला ठाकुर ने शांतनु ठाकुर पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "शांतनु ठाकुर पहले लोगों से पैसे लेकर फॉर्म भरवाते हैं और बाद में कहते हैं कि अगर नाम कट जाए तो फर्क नहीं पड़ता। यह मतुआ समाज के साथ धोखा है। आने वाले दिनों में मतुआ समुदाय इसका जवाब देगा।"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि SIR और CAA के नाम पर मतुआ समाज को भ्रमित किया जा रहा है।

दूसरी ओर शांतनु ठाकुर के समर्थकों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ममता बाला ठाकुर के संगठन के कुछ लोग हथियारों के साथ आए थे और पहले हमला किया गया। शांतनु ठाकुर की पत्नी सोमा ठाकुर ने दावा किया कि उन्होंने खुद देखा कि कुछ हथियारबंद लोग घर के सामने जमा हुए थे, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मतुआ समुदाय पश्चिम बंगाल की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। SIR, CAA और नागरिकता जैसे मुद्दों को लेकर पहले से ही समुदाय में असमंजस है। ऐसे में नेताओं के बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है।

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