West Bengal Assembly polls 2026: जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच तीखी बयानबाजी हो गई है। BJP के नए प्रमुख नितिन नवीन ने ममता सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। नितिन नवीन ने बुधवार (25 मार्च) को पश्चिम बंगाल में धार्मिक गतिविधियों की अनुमति को लेकर दोहरे मानदंड अपनाए जाने का आरोप लगाया। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल में नमाज अदा करने की पूरी आजादी है। लेकिन पूजा आयोजित करने या पंडाल लगाने के लिए अदालत से अनुमति लेनी पड़ती है।
नवीन ने कोलकाता के बाहरी इलाके में स्थित दक्षिणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद पत्रकारों से कहा कि यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, "यहां नमाज अदा करने की अनुमति है लेकिन पूजा करने और पंडाल लगाने के लिए हाई कोर्ट से अनुमति मांगनी पड़ती है।" नवीन ने आगे कहा, "मैंने दक्षिणेश्वर में पूजा की और राज्य के लोगों के कल्याण तथा 'विकसित बंगाल' एवं 'सोनार बांग्ला' के निर्माण के लिए देवी से प्रार्थना की।"
नितिन नवीन ने अगले महीने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए मंगलवार को कई संगठनात्मक और रणनीतिक बैठके कीं। BJP की राज्य इकाई के सूत्रों ने बताया कि मंगलवार से शुरू हुई नवीन की दो दिवसीय बंगाल यात्रा महज एक नियमित संगठनात्मक समीक्षा के लिए नहीं है। बल्कि राज्य में बीजेपी की चुनाव प्रचार रणनीति को नया रूप देने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर बुधवार को तीखा हमला करते हुए उन पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करके लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने उत्तर बंगाल के मैनागुड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग मतदान के अधिकार छीन रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगला कदम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करके नागरिकता छीनने का प्रयास हो सकता है। बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि SIR के माध्यम से कुछ समुदायों को चुनाव प्रक्रियाओं से बाहर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, "राजबंशियों के नाम एसआईआर के जरिए हटा दिए गए हैं। महिलाओं के नाम भी हटाए जा रहे हैं। अगर एसआईआर की वजह से मौतें होती हैं, तो जिम्मेदारी कौन लेगा?"
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, "निर्वाचन आयोग, भाजपा और केंद्र सरकार संविधान का पालन नहीं कर रहे। मतदान के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं। आज वे मतदान के अधिकार छीन रहे हैं। कल वे NRC लाकर नागरिकता छीन लेंगे।" मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना बनर्जी ने जनसभा में उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे यहां मौजूद सज्जन और दिल्ली में दोनों सज्जनों को विदा करें।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत राज्य की जनता है। बनर्जी से उत्तर बंगाल के लिए रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर निर्वाचन आयोग के छह साल पुराने दस्तावेज का हवाला देते हुए इसी तरह के आरोप लगाए थे। इस दस्तावेज में कथित तौर पर BJP का कमल चिह्न अंकित था।
बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपने साथ वकील ले जाने के लिए कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP शासित असम में नामांकन रद्द कर दिए गए थे। उन्होंने कहा, "मैं अपने उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल करते समय वकीलों को साथ ले जाने के लिए कहूंगी। असम में कई नामांकन रद्द कर दिए गए हैं। मुझे BJP और निर्वाचन आयोग पर भरोसा नहीं है।"