West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल में बढ़ती गर्मी के साथ चुनावी तापमान भी आसमान छू रह है। बंगाल में दूसरे चरण के लिए एक दिन बाद यानी 29 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण में 8 जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। वहीं दूसरे चरण के मतदान से पहले सूबे का सियासी पारा काफी हाई है और एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी हो रही है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर और उत्तर प्रदेश के आईपीएस अजय पाल शर्मा के बीच भी तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ने मतदान के पहले आईपीएस अजय पाल शर्मा पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है।
TMC उम्मीदवार ने अब कही ये बात
टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ने कहा कि, 'BJP अपनी जमीन खो चुकी है, इसीलिए वे इन सब हरकतों से वोटरों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वह 'सिंघम' है, तो मैं भी 'पुष्पा' हूं। वह आया और उसने मेरे कार्यकर्ता को धमकाया। क्या इन दिनों कोई ऐसी घटना हुई है।' बता दें कि, इससे पहले टीएमसी नेता ने कहा था कि, 'ये लोग बहुत खेल दिखा रहे हैं। खेल तुम लोगों ने शुरू किया है, खत्म हम करेंगे।'
जानकारी के मुताबिक, लोगों की ओर से शिकायत मिल रही थी कि फलता टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान मतदाताओं को लगातार धमका रहे हैं। वहीं टीएमसी का आरोप है कि, अधिकारी रात के वक्त लोगों के घरों में घुसकर छापेमारी कर रहे हैं, महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं और आतंक फैला रहे हैं।
टीएमसी के गढ़ में तैनात हैं अजय पाल शर्मा
बता दें कि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था है। चुनाव आयोग ने इस बार शांतिपूर्ण वोटिंग के लिए सिर्फ केंद्रीय बलों पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि उत्तर प्रदेश से एक खास अधिकारी को भी बंगाल भेजा है। ये अधिकारी हैं अजय पाल शर्मा, जिन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और ‘सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है। आईपीएस अजय पाल शर्मा ने दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर तैनात किया गया है। यह जिला अभिषेक बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जो ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के अहम नेता हैं। इस फैसले को चुनाव आयोग का बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।