पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है। दूसरे चरण में 8 जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। पहले चरण में जहां 152 सीटों पर हुए मतदान में कई जगहों पर हिंसा की खबरें सामने आई थी, वहीं दूसरे चरण में शांतिपूर्ण मतदान को लेकर चुनाव आयोग हर तरह का इंतजाम कर रहा है। इसकड़ी में चुनाव आयोग ने इस बार शांतिपूर्ण वोटिंग के लिए सिर्फ केंद्रीय बलों पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि उत्तर प्रदेश से एक खास अधिकारी को भी बंगाल भेजा है। ये अधिकारी हैं अजय पाल शर्मा, जिन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और ‘सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है।
बता दें कि, आईपीएस अजय पाल शर्मा ने दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर तैनात किया गया है। यह जिला अभिषेक बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जो ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के अहम नेता हैं। इस फैसले को चुनाव आयोग का बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डॉ. अजय पाल शर्मा ने डेंटिस्ट के रूप में ट्रेनिंग लेने के बाद साल 2011 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) जॉइन की। उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के तौर पर जाना जाता है। अपने करियर में उन्होंने 500 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन एनकाउंटरों में 15 आरोपियों की मौत हुई, जबकि कई अन्य को गिरफ्तार किया गया। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले डॉ. अजय पाल शर्मा, IPS बनने से पहले एक डेंटल सर्जन थे। उन्होंने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज पटियाला से बीडीएस (डेंटल साइंस) की पढ़ाई पूरी की। बताया जाता है कि करीब 22 महीनों के दौरान उन्होंने 136 एनकाउंटर किए। उनके परिवार में भी प्रशासनिक सेवा से जुड़ाव है, उनके छोटे भाई अमित पाल शर्मा एक IAS अधिकारी हैं।
आईपीएस बनने से पहले थे डेंसटिस्ट
डॉ. अजय पाल शर्मा, जिनकी उम्र 41 साल है, इस समय प्रयागराज में एडिशनल सीपी (कानून-व्यवस्था) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह पांच अलग-अलग जिलों में एसपी और एसएसपी के रूप में काम कर चुके हैं। जौनपुर में एसपी रहते हुए उनके 22 महीने के कार्यकाल में 136 एनकाउंटर हुए, जो किसी भी जिले में किसी एसपी के कार्यकाल के दौरान सबसे ज्यादा माने जाते हैं। उन्होंने जिन जिलों की जिम्मेदारी संभाली, उनमें हाथरस, शामली, गाजियाबाद, रामपुर और जौनपुर शामिल हैं। साल 2013 में उन्हें प्रयागराज में हुए कुंभ मेले के दौरान एएसपी के रूप में तैनात किया गया था। इसके अलावा, उन्हें पुलिस मुख्यालय में एसपी (कार्मिक) और यूपी-112 के प्रमुख (कप्तान) की जिम्मेदारी भी दी जा चुकी है।