पश्चिम बंगाल के चुनावी महाकुंभ के पहले अध्याय के लिए चल रहा प्रचार अभियान मंगलवार शाम 6 बजे औपचारिक रूप से थम गया। 23 अप्रैल को राज्य के उत्तर और दक्षिण हिस्सों की 152 विधानसभा सीटों पर जनता वोट डालेगी। इस बार का चुनावी रण विकास के दावों के बजाय वोटर लिस्ट में हुई भारी कटौती (SIR) और सांस्कृतिक खान-पान जैसे भावनात्मक विवादों की भेंट चढ़ता दिखा।
