उत्तर बंगाल- जहां 54 विधानसभा सीटें हैं- एक बार फिर पश्चिम बंगाल की सियासत का सबसे बड़ा रणक्षेत्र बनकर उभरा है। यहां की हर सीट पर सत्ता की सांसें अटकी हुई हैं, हर वोट जैसे किसी बड़ी कहानी का हिस्सा बन चुका है। एक तरफ बीजेपी है, जो इसी इलाके की ताकत के दम पर राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का सपना देखती आई है। यह क्षेत्र उसके लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि उसके राजनीतिक उभार की रीढ़ रहा है। इसलिए पार्टी हर हाल में इस किले को बचाए रखना चाहती है। दूसरी ओर TMC है, जो बदले हुए समीकरणों और नए राजनीतिक माहौल के बीच अपनी खोई जमीन वापस पाने की जंग लड़ रही है। पार्टी के लिए यह सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि अपनी पकड़ और प्रतिष्ठा दोबारा साबित करने की लड़ाई है।
