West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज कुछ ही देर में आज जाएंगे। वोटों की गिनती शुरू हो गई है। फिलहाल दोनों में कांटे की लड़ाई दिख रही है। कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी आगे चल रही है तो कभी बीजेपी आगे चलती दिख रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नतीजों की तस्वीर साफ होने में कुछ घंटे का समय लग सकता है। इस बीच, बंगाल की ऐसी 37 सीटें हैं, जिनके नतीजों से तय होगा कि अगली सरकार किसकी बनेगी।
एक्सपर्ट्स ने इन 37 सीटों को बैरोमीटर सीट कहा है। पिछले कई दशकों से राज्य में सरकार के गठन में इन सीटों का बड़ा योगदान रहा है। इन सीटों को जीतने वाली पार्टी सरकार बनाती आई है। 1977 से यह देखा गया है कि जो पार्टी 37 सीटों को जीतती है वह राज्य में सरकार बनाती है। इनमें से ज्यादा सीटें सेंट्रल कोलकाता, दक्षिण बंगाल और दक्षिणपश्चिम बंगाल में हैं।
भवानीपुर, डायमंड हार्बर, उदय नारायणपुर और मगरहाट ईस्ट का संबंध उस पार्टी से रहा है, जो राज्य में सरकार बनाती है। इस वजह से इन सीटों को चुनावी नतीजों का बैरोमीटर कहा जाता है। पश्चिम बंगाल में लंबे समय से सिर्फ दो दलों के बीच मुख्य लड़ाई होती आई है। वाम दलों का शासन राज्य में 34 सालों तक रहा। उसके बाद पिछले 15 सालों से राज्य में ममता बनर्जी की टीएमसी की सरकार है। पिछले कुछ विधानसभा चुनावों से राज्य में मुख्य लड़ाई बीजेपी और टीएमसी के बीच रही है।
कुल 294 सीटें हैं राज्य में
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों पर जीत जरूरी है। फिलहाल टीएमसी और भाजपा में कांटे की टक्कर दिख रही है। कभी टीएमसी आगे दिखती है तो कभी बीजेपी आगे दिखती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शुरुआती कुछ घंटे पोस्टल बैलेट के वोटों की गिनती के होते हैं। उसके खत्म होने के बाद ही असल ट्रेंड का पता चलेगा।