West Bengal Opinion Poll 2026: एक ओपिनियन पोल में पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक बार फिर से सत्ता पर काबिज होने का अनुमान जताया गया है। CNN-News18 के मुताबिक, सर्वे एजेंसी Vote Tracker की ओर से किए गए ओपिनियन पोल में कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने की ओर अग्रसर है। चुनाव-पूर्व सर्वे के अनुमान के मुताबिक, TMC 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में 184 से 194 सीटें हासिल कर सकती है।
यह बहुमत के आंकड़े से काफी अधिक है। बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा। इसमें क्रमशः 152 और 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
Vote Tracker के अनुसार, BJP के 2021 के प्रदर्शन को दोहराते हुए 98 से 108 विधानसभा सीटें जीतने की संभावना है। हालांकि, वह ममता सरकार को गिराने के लिए जरूरी आंकड़ों को नहीं छू पाएगी। चुनाव पूर्व किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, कांग्रेस और वाम मोर्चा सहित अन्य दलों को केवल 1 से 3 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है।
सर्वे के अनुसार, तृणमूल को 41.9% वोट मिलने की उम्मीद है। जबकि BJP को 34.9% वोट मिलने की संभावना है। समुदायविशेष रुझान दिखाते हैं कि मुसलमानों (57.6%) के बीच TMC को, जबकि ST (आदिवासी) मतदाताओं के बीच BJP को जबरदस्त समर्थन मिलता दिख रहा है। SC/दलित मतदाता बंटे हुए हैं। इसमें से 43% BJP का समर्थन कर रहे हैं, जबकि 39.5% तृणमूल के साथ हैं। वाम मोर्चा और कांग्रेस को मिलाकर कुल वोटों का केवल 7.7% हिस्सा मिलता दिख रहा है।
CM के तौर पर ममता सबसे पसंदीदा नेता
अगले मुख्यमंत्री के तौर पर पसंदीदा उम्मीदवारों की लिस्ट में ममता बनर्जी 48.5% समर्थन के साथ सबसे आगे हैं। उनके बाद BJP के शुभेंदु अधिकारी 33.4% समर्थन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और मोहम्मद सलीम (CPM) क्रमशः 3.7% और 4.3% समर्थन के साथ इस रेस में काफी पीछे हैं।
महिला मतदाताओं ने पुरुषों (47.6%) की तुलना में ममता (49.4%) को थोड़ा अधिक समर्थन दिया है। मुस्लिम समुदाय उनका सबसे मजबूत आधार है। इसमें 65.5% लोग उनका समर्थन करते हैं। जबकि अनुसूचित जनजाति (53.4%) और सवर्ण हिंदू (43.7%) सुवेंदु अधिकारी की तरफ झुके हुए हैं।
राज्य में बेरोजगारी एक अहम मुद्दा
बंगाल चुनाव में बेरोजगारी सबसे बड़ी चिंता के तौर पर सामने आई है। सर्वे में इसका जिक्र 37.2% लोगों ने किया। कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा 15.9% के साथ दूसरे नंबर पर है। जबकि महंगाई और भ्रष्टाचार का हिस्सा क्रमशः 10.5% और 10.3% है।
क्या हुमायूं कबीर कोई फैक्टर साबित होंगे?
TMC के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के बंगाल चुनाव में उतरने को लेकर 40.7% लोग ऐसा मानते हैं कि इससे तृणमूल के मुस्लिम वोटों में सेंध लग सकती है। वहीं, 24.6% लोगों का मानना है कि उन्हें BJP का समर्थन हासिल है। सिर्फ 4.5% लोगों को लगता है कि इस कदम के पीछे तृणमूल का हाथ है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और कबीर के बीच गठबंधन हुआ है।
सर्वे के मुताबिक, बंगाल में BJP के सामने कई चुनौतियां हैं। 19.9% लोगों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या बंगाल में पार्टी के अंदर की कलह और गुटबाजी है। इसके बाद किसी करिश्माई नेता की कमी (17.2%) का नंबर आता है। करीब 12.5% लोगों को लगता है कि BJP बंगाल की संस्कृति को नहीं समझती है।