ममआज जब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में स्टारकिड और नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज है, ऐसे समय में अक्षय खन्ना की कहानी खुद-ब-खुद अलग चमकती है। एक मशहूर सरनेम के साथ इंडस्ट्री में कदम रखना जितना आसान माना जाता है, अक्षय के लिए उतना ही चुनौतीपूर्ण रहा। विनोद खन्ना जैसे दिग्गज अभिनेता के बेटे होने के बावजूद उन्होंने कभी इस पहचान को अपनी ताकत नहीं बनाया। न दिखावा, न शोर और न ही खुद को आगे बढ़ाने की होड़—अक्षय ने हमेशा अपने काम को बोलने दिया। उनकी यात्रा उन कलाकारों जैसी रही, जो कैमरे के सामने कम और किरदारों के अंदर ज्यादा जीते हैं।
