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Anurag Kashyap: अनुराग कश्यप का चौंकाने वाला खुलासा, नेटफ्लिक्स प्रोजेक्ट के ठप होने से टूटा दिल, हार्ट अटैक और शराब की लत ने तोड़ा

Anurag Kashyap: फिल्मकार अनुराग कश्यप ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि नेटफ्लिक्स द्वारा उनकी महत्वाकांक्षी वेब सीरीज ‘मैक्सिमम सिटी’ को अचानक ठंडे बस्ते में डाल देने से वे गहरे सदमे में चले गए। इस प्रोजेक्ट पर अनुराग ने करीब 900 पन्नों की स्क्रिप्ट लिखी थी और इसे 2009 से विकसित कर रहे थे।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 18, 2026 पर 4:32 PM
Anurag Kashyap: अनुराग कश्यप का चौंकाने वाला खुलासा, नेटफ्लिक्स प्रोजेक्ट के ठप होने से टूटा दिल, हार्ट अटैक और शराब की लत ने तोड़ा

बॉलीवुड के बेबाक निर्देशक अनुराग कश्यप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर का दर्द बयां किया। नेटफ्लिक्स द्वारा रद्द किए गए महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'मैक्सिमम सिटी' के सदमे ने उन्हें गहरे अवसाद में धकेल दिया, जिसके चलते उन्हें दो बार हार्ट अटैक तक आया। उन्होंने इसे गर्भपात जैसी पीड़ा के समान बताया।

'मैक्सिमम सिटी' सुकेतु मेहता की मशहूर किताब पर आधारित थी, जिसे अनुराग 2009 से विकसित कर रहे थे। प्री-प्रोडक्शन स्टेज पर पहुंचते ही नेटफ्लिक्स ने देश के राजनीतिक माहौल का हवाला देकर अचानक पीछे हट लिया। अनुराग ने कहा, "यह मेरा सबसे ईमानदार और बेस्ट काम था। इतनी मेहनत के बाद 1.5 साल की चुप्पी ने तोड़ दिया।" इस झटके से वे डिप्रेशन में चले गए, शराब की भारी लत लग गई और स्वास्थ्य बिगड़ गया। उन्होंने स्वीकार किया कि दुख इतना गहरा था कि उन्हें इसका अहसास ही नहीं हुआ, जब तक थेरपी में न गए।

अनुराग ने बताया कि इस दौरान वे रिहैब तीन बार गए। शराब ने उनकी जिंदगी पर कब्जा जमा लिया था, और हार्ट अटैक ने जान लेने की कोशिश की। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को लेकर भी उन्होंने निराशा जताई, "ये क्रांति लाने वाले थे, लेकिन टूल बनकर रह गए।" जावेद अख्तर के साथ 'तांडव' विवाद के बाद कई प्रोजेक्ट्स प्रभावित हुए, और 'मैक्सिमम सिटी' भी उसी का शिकार बना। अनुराग का मानना है कि या तो स्क्रिप्ट संवेदनशील थी या वे खुद उस समय विवादित।

हालांकि, इस मुश्किल समय में उनके साथी फिल्मकार ज़ोया अख्तर ने उन्हें फिर से काम पर लौटने के लिए प्रेरित किया। अनुराग ने स्वीकार किया कि दोस्तों और परिवार के सहयोग ने उन्हें धीरे-धीरे इस अंधेरे दौर से बाहर निकाला।

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