Asit Kumar Modi: जब 2008 में तारक मेहता का उल्टा चश्मा का प्रीमियर हुआ, तो भारतीय टेलीविजन पर मुख्य रूप से हाई-वोल्टेज सास बहू नाटकों का बोलबाला था। कॉमेडी पहले से मौजूद थी, लेकिन ज़्यादातर वीकेंड में या फिर हल्के-फुल्के शोज के रूप में। इस शो ने चुपचाप उस दायरे को तोड़ते हुए एक डेली सिटकॉम की शुरुआत की।
