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Mandana Karimi: "मैं भारत छोड़ रही हूं, यहां मेरी आवाज दब जाती है"... ईरानी अभिनेत्री मंदाना करीमी ने भारत को कहा अलविदा

Mandana Karimi: ईरानी अभिनेत्री और पूर्व रियलिटी टीवी कंटेस्टेंट मन्दाना करीमी ने हाल ही में एक भावनात्मक इंटरव्यू में बताया कि वह भारत छोड़ने का फैसला कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यहां उन्हें लगता है कि उनकी “कोई आवाज नहीं है” और उनकी राय को महत्व नहीं दिया जाता।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Mar 03, 2026 पर 2:28 PM
Mandana Karimi: "मैं भारत छोड़ रही हूं, यहां मेरी आवाज दब जाती है"... ईरानी अभिनेत्री मंदाना करीमी ने भारत को कहा अलविदा

ईरानी मूल की भारतीय अभिनेत्री और बिग बॉस 9 की दावेदार मंदाना करीमी ने भारत छोड़ने का ऐलान कर दिया है। बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि देश ने उन्हें मॉडलिंग, एक्टिंग करियर, दोस्ती और प्यार सब दिया, लेकिन अब वह अकेलापन और आवाज की कमी महसूस कर रही हैं। ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ मुखर होने के बाद दो महीनों से होमसिक और अकेली महसूस कर रही मंदाना का यह फैसला उनके जीवन का नया मोड़ है।

मंदाना ने कहा, "मैं भारत से ब्रेकअप जैसा महसूस कर रही हूं। जवान उम्र में आई थी, सब कुछ यहीं मिला। लेकिन अब लगता है यहां मेरी कोई सुनने वाला नहीं।" ईरान के मौजूदा हालात पर बोलते हुए उन्होंने सपना साझा किया कि एक ऐसा ईरान चाहती हैं जहां महिलाएं आजाद हों - कपड़े चुन सकें, बिना डर के जिएं। जब पूछा गया कि क्या ईरान लौटेंगी, तो बोलीं, "जैसे ही यह शासन खत्म होगा, चली जाऊंगी। बैग पैक हो चुके हैं।" हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर डोनाल्ड ट्रंप की फोटो शेयर कर लिखा, "ईरानी लोग आपको साइरस द ग्रेट की तरह याद रखेंगे।" अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर की कथित मौत के बाद उन्होंने दोनों देशों की तारीफ की थी।

इस बयान ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया। कई दोस्तों ने ईरान मुद्दे पर खुलकर बोलने के बाद दूरी बना ली। मंदाना का सफर प्रेरणादायक रहा है। ईरान से भारत आकर 'भाग जॉनी' से डेब्यू किया फिर बिग बॉस में दूसरी रनर-अप बनीं। लेकिन राजनीतिक बयानों ने करियर प्रभावित किए। पहले भी मीटू कैंपेन में साजिद खान पर आरोप लगाने के बाद उन्होंने बॉलीवुड छोड़ने की बात कही थी। अब ईरान संकट ने उन्हें मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा, "महिलाओं के लिए आवाज उठाना जरूरी, चाहे नुकसान हो।"

करीमी ने कहा कि वह हमेशा एक “स्वतंत्र और लोकतांत्रिक ईरान” की समर्थक रही हैं। उन्होंने ईरान में महिलाओं और युवाओं के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई, लेकिन इसके चलते उन्हें आलोचना और दूरी का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के हालात पर खुलकर बोलने से उनके करियर पर असर पड़ा और कई कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द कर दिए गए।

मंदाना की विदाई भारतीय सिनेमा के लिए नुकसान है। वह ओपनली राजनीति पर बोलने वाली रहीं, जो दुर्लभ है। फैंस दुखी हैं, लेकिन उनकी हिम्मत की तारीफ कर रहे। क्या ईरान लौटकर नया अध्याय शुरू करेंगी? फिलहाल वह पैकिंग कर रही हैं, भारत को धन्यवाद कहते हुए।

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