अक्टूबर 2024 की वो सुबह करीब साढ़े चार बजे की थी। गोविंदा रिवॉल्वर साफ कर रहे थे, जब वो फिसल गई और पैर में गोली लग गई। रागिनी ने बताया, 'मां को फोन आया कि चीची मामा ने खुद को शूट कर लिया। हम सब सन्न रह गए। कोई नहीं समझ पाया कि आखिर हुआ क्या।' मां और भाई तुरंत हॉस्पिटल भागे, लेकिन रागिनी ने कहा, 'मैं इमोशनली बहुत कमजोर हूं, इसलिए शांत रहने की कोशिश की। टेंशन न बढ़ाऊं, इसलिए 3 घंटे बाद गई। सब शॉक्ड थे, हॉस्पिटल में हाहाकार मच गया।' गोविंदा को क्रिटिकेयर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने गोली निकाल दी। ये पल परिवार के लिए ऐसा था जैसे आसमान टूट पड़ा ।