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क्या है वेट बल्ब टेम्परेचर? बढ़ता खतरा बना 'मौत का अलार्म', जानिए कैसे फेल हो रहा शरीर का सिस्टम

Wet Bulb Heat: भारत में पड़ रही भीषण गर्मी अब सिर्फ तापमान बढ़ने तक सीमित नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बढ़ती नमी के साथ मिलकर यह 'वेट बल्ब हीट' का खतरनाक रूप ले रही है। इस स्थिति में शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, जिससे हीट स्ट्रेस और स्वास्थ्य जोखिम तेजी से बढ़ने लगते हैं

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड May 26, 2026 पर 12:04 PM
क्या है वेट बल्ब टेम्परेचर? बढ़ता खतरा बना 'मौत का अलार्म', जानिए कैसे फेल हो रहा शरीर का सिस्टम
Wet Bulb Heat: पसीना सूख नहीं पाता और शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकलती।

देश के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। तापमान लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब सिर्फ गर्मी ही नहीं बल्कि हवा में बढ़ती नमी भी खतरे को और ज्यादा बढ़ा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि असली जोखिम “वेट बल्ब हीट” से है, जिसमें गर्मी और नमी दोनों मिलकर शरीर पर भारी असर डालते हैं। इस स्थिति में शरीर का सामान्य ठंडा होने का तरीका, यानी पसीना सूखना, ठीक से काम नहीं कर पाता। इसके कारण शरीर के अंदर गर्मी जमा होने लगती है और इंसान जल्दी थकान, कमजोरी और हीट स्ट्रेस का शिकार हो सकता है।

अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही रहे तो यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ लोगों को इस बढ़ती गर्मी और नमी के मिश्रण से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।

वेट बल्ब हीट आखिर है क्या?

वेट बल्ब तापमान दरअसल ये बताता है कि वातावरण की गर्मी और नमी मिलकर शरीर को कितना प्रभावित कर रही है। ये सामान्य तापमान से अलग इसलिए होता है क्योंकि ये पसीने के सूखने की क्षमता को भी मापता है।

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