आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की बॉडी पहले से ज्यादा “वर्किंग” कम और “सिटिंग” मोड में रहने लगी है। सुबह ऑफिस की कुर्सी पर बैठना शुरू होता है और फिर मीटिंग, लैपटॉप, मोबाइल और स्क्रीन के बीच पूरा दिन निकल जाता है। इस लगातार बैठने वाली लाइफस्टाइल का सबसे ज्यादा असर पैरों पर दिखाई देता है। धीरे-धीरे पैरों में भारीपन, अकड़न, झनझनाहट और खिंचाव जैसी दिक्कतें महसूस होने लगती हैं। कई लोगों को तो लंबे समय तक बैठे रहने के बाद उठते वक्त पैरों में सुन्नपन तक महसूस होता है। दरअसल, घंटों एक ही पोजिशन में बैठे रहने से पैरों की मसल्स कम एक्टिव हो जाती हैं और ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित हो सकता है।
