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2,18,000 सैनिक, हाथी, घोड़े, रथ, हथियार... शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बनाएंगे अपनी 'चतुरंगिनी सेना'! वाराणसी से किया ऐलान

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ये भी बताया कि महाभारत में चतुरंगिनी सेना का जिक्र है। संतों और समर्थकों से घिरे हुए उन्होंने कहा कि यह 'सेना' धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा करेगी। अविमुक्तेश्वरानंद और उनके समर्थकों ने कुल्हाड़ी के मॉडल प्रदर्शित किए

Shubham Sharmaअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 4:47 PM
2,18,000 सैनिक, हाथी, घोड़े, रथ, हथियार... शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बनाएंगे अपनी 'चतुरंगिनी सेना'! वाराणसी से किया ऐलान
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बनाएंगे अपने 'चतुरंगिनी सेना', वाराणसी से किया ऐलान

उत्तराखंड के जोशीमठ स्थित ज्योतिष पीठ के प्रमुख या शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने दो लाख सैनिकों की एक 'सेना' तैयार करने की अपनी योजना का ऐलान किया है। फिलहाल वाराणसी में रह रहे शंकराचार्य ने कहा है कि पारंपरिक और आधुनिक हथियारों से लैस यह 'सेना' गायों की संतान और हिंदू धर्म की रक्षा करेगी। उन्होंने बताया कि इस 'सेना' में सभी हिंदू जातियों के 2,18,000 सैनिक होंगे, जिनमें पुरुष, महिला और थर्ज जेंडर के लोग शामिल भी होंगे।

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि इस 'सेना' का शुभारंभ अगले वर्ष फरवरी में मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसे 'चतुरंगिनी सेना' कहा जाएगा। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि 'चतुरंगिनी सेना' से मतलब ऐसी किसी भी सेना से है, जिसमें पैदल सेना, घुड़सवार सेना, हाथी और रथ शामिल हों।

महाभारत में 'चतुरंगिनी सेना' का जिक्र

उन्होंने यह भी बताया कि महाभारत में चतुरंगिनी सेना का जिक्र है। संतों और समर्थकों से घिरे हुए उन्होंने कहा कि यह 'सेना' धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा करेगी। अविमुक्तेश्वरानंद और उनके समर्थकों ने कुल्हाड़ी के मॉडल प्रदर्शित किए और कहा कि इस नई 'सेना' के शस्त्रागार में पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के हथियार होंगे।

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