Delhi Wedding Murder: उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक शादी समारोह में हुए विवाद के बाद 30 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या करने के आरोप में दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना की जानकारी सोमवार को एक पुलिस अधिकारी ने दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी हेड कांस्टेबल, जिसकी पहचान परवेश के रूप में हुई है, भजनपुरा स्थित उत्तर-पूर्वी सर्कल की ट्रैफिक यूनिट में तैनात था और 2008 में पुलिस बल में शामिल हुआ था।
वजीराबाद पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि गोली लगने से घायल एक व्यक्ति को तिमारपुर के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
अस्पताल पहुंचने पर अधिकारी ने पाया कि घायल व्यक्ति, जिसकी पहचान आशीष के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का निवासी था, को उसका छोटा भाई अनुज अस्पताल लेकर आया था। पुलिस ने बताया कि डॉक्टरों ने आशीष को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को दिए अपने बयान में अनुज ने बताया कि वह अपने भाई और कुछ अन्य परिचितों के साथ वजीराबाद में एक पड़ोसी की शादी में शामिल होने आया था। उसने बताया कि आशीष प्रवर्तन विभाग में मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) के रूप में कार्यरत था।
अनुज ने आरोप लगाया कि परवेश, जो उनके पैतृक गांव का ही निवासी है, अपने भाई संदीप और बहनोई विपिन और विकास के साथ समारोह में शामिल हुआ था। उसने दावा किया कि परवेश को शक था कि उसकी पत्नी का आशीष के साथ संबंध है, जिसके कारण उन दोनों के बीच दुश्मनी पैदा हो गई थी।
अनुज ने अपने बयान में कहा, "तीन-चार महीने पहले परवेश ने इस मामले को लेकर हमारे पिता से शिकायत की थी। हालांकि उस समय मामला सुलझ गया था, लेकिन वह मेरे भाई को धमकाता रहा।"
उसने आरोप लगाया कि समारोह के बाद जब वे अपने गांव लौटने वाले थे, तब परवेश और उसके साथियों ने आशीष को रोका, पिस्तौल के बट से उस पर हमला किया और फिर उसकी छाती में गोली मार दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि आशीष को पहले पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया और वहीं उसकी मौत हो गई।
एक अपराध जांच दल और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) दल ने घटनास्थल का मुआयना किया और सबूत जुटाए। भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान, परवेश, उसका भाई संदीप और बहनोई विपिन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है। एक अन्य आरोपी विकास फरार है। पुलिस ने आगे बताया कि जांच जारी है।