Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास हुए एयर इंडिया के विमान हादसे से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने से ठीक पहले, पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को 'मेडे' (Mayday) कॉल किया था। 'मेडे' एक अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन संकेत है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई विमान गंभीर खतरे में हो और तत्काल सहायता की आवश्यकता हो। यह 'मेडे' कॉल दिखाता है कि पायलट ने आखिरी पलों तक विमान को बचाने या कम से कम एटीसी को स्थिति से अवगत कराने का प्रयास किया था।
एयर इंडिया के अनुसार, विमान में 232 यात्री और 10 चालक दल के सदस्य सवार थे जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई यात्री शामिल थे। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। बता दें कि यह विमान लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरा था। उड़ान भरने के तुरंत बाद ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
'मेडे' (Mayday) कॉल एक अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन संकेत है जिसका उपयोग हवाई जहाज, जहाजों या किसी भी वाहन में गंभीर खतरे की स्थिति में किया जाता है, जब जीवन या संपत्ति को तत्काल खतरा हो। यह एक मौखिक संकेत है जिसे रेडियो संचार के माध्यम से तीन बार दोहराया जाता है (मेडे, मेडे, मेडे), ताकि भ्रम से बचा जा सके और स्पष्टता बनी रहे। इसे केवल तभी इस्तेमाल किया जाता है जब तत्काल सहायता की आवश्यकता हो, जैसे इंजन फेलियर, आग, गंभीर यांत्रिक खराबी, या जब विमान/जहाज गिरने वाला हो। 'मेडे' कॉल भेजने के बाद, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) या अन्य बचाव एजेंसियां तुरंत मदद के लिए कदम उठाती हैं।