Ajit Pawar Death: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार (28 जनवरी) को विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की। ममता ने आरोप लगाया कि अन्य सभी एजेंसियां की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। बनर्जी ने कहा कि मौजूदा तंत्रों के माध्यम से सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि केवल सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में की गई जांच ही विश्वसनीय होगी। 66 साल के अजीत पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार सुबह पुणे जिले के बारामती के पास विमान दुर्घटना में दुखद मौत हो गई।
हुगली जिले में सिंगूर के लिए रवाना होने से पहले सीएम ममता ने पत्रकारों से कहा, "हमें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। बाकी सभी एजेंसियां पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुकी हैं।" दिल्ली स्थित 'वीएसआर वेंचर्स' द्वारा संचालित 'लीयरजेट 46' विमान बारामती एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, चालक दल के सदस्यों सहित विमान में पांच लोग सवार थे।
बनर्जी ने यह भी संकेत दिया कि अजीत पवार अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में लौटने की योजना बना रहे थे। ममता ने कहा कि हाल के दिनों में सामने आई खबरों से ऐसे कदम के संकेत मिल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा, "आज सुबह अजीत पवार की मृत्यु की खबर सुनकर मैं सचमुच स्तब्ध रह गई। इससे पता चलता है कि इस देश में राजीतिक दलों के नेताओं के लिए भी कोई सुरक्षा नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "आज सत्तारूढ़ वर्ग का हिस्सा रहे लोग भी सुरक्षित नहीं दिखते।" वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी बुधवार को अजीत पवार से संबंधित विमान हादसे पर दुख जताते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की।
ममता बनर्जी की मांग के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, "जांच तो होना चाहिए क्योंकि ऐसा हादसा हुआ है। सभी नेता (विमान से) जाते हैं। कॉरपोरेट (के लोग) भी जाते हैं। अहमदाबाद में दुर्घटना हुई। यह छोटा विमान था, ऐसा क्यों हुआ। इसकी जांच तो होनी चाहिए।"
एकनाथ शिंदे ने दिया जांच का भरोसा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को अपने साथी अजीत पवार की प्लेन क्रैश में मौत को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पवार की जान लेने वाले प्लेन क्रैश की जांच की जाएगी। पत्रकारों से बात करते हुए, शिंदे ने पवार के योगदान की तारीफ की। उन्होंने अलग-अलग कैबिनेट में उनके साथ काम किया था। 2022 से 2024 तक शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री भी थे।
उन्होंने कहा, "यह बहुत दर्दनाक घटना है... महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्लेन क्रैश की जांच की जाएगी।" शिंदे ने आगे कहा, "यह नुकसान सिर्फ पवार परिवार का नहीं, बल्कि पूरे राज्य का है। ऐसा लगता है जैसे मैंने अपना बड़ा भाई खो दिया है।"
शिंदे ने कहा कि पवार साफ दिल के और निडर नेता थे, जो अपनी बात खुलकर कहते थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्होंने याद किया कि कैसे मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल (2024 में) के दौरान, जब उन्होंने 'लाडकी बहिन योजना' शुरू करने का फैसला किया, तो तत्कालीन वित्त मंत्री पवार ने इस योजना के लिए जरूरी वित्तीय प्रावधान किए थे।
इसके तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं। शिंदे ने आगे कहा, "हम (शिंदे, पवार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस) एक टीम के तौर पर काम करते थे।" अजीत पवार की बुधवार को विमान दुर्घटना में हुई निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने समूचे राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।