Ajit Pawar Plane Crash: टेकऑफ से क्रैश होने तक की पूरी कहानी, कहां हुई चूक, अजित पवार के बाद कैसी करवट लेगी महाराष्ट्र की राजनीति? पढ़ें सबकुछ
Ajit Pawar Plane Crash: बारामती पवार परिवार का गढ़ है और अजित पवार बारामति विधानसभा से ही विधायक थे। आज हम आपको इस पूरे हादसे की कहानी बताते हैं। साथ ही आपको उस विमान के बारे में भी बताएंगे, जो क्रैश हुआ और अब महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के जाने से क्या कुछ असर होगा इस पर भी बात करेंगे
Ajit Pawar Plane Crash: टैकऑफ से क्रैश होने तक की पूरी कहानी, कहां हुई चूक, अजित पवार के बाद कैसी करवट लेगी महाराष्ट्र की राजनीति? पढ़ें सबकुछ
महाराष्ट्र के डिप्टी CM और NCP नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया। महाराष्ट्र में ‘दादा’ कहे जाने वाले अजित पवार मुंबई से पुणे के बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें एक चुनावी सभा को संबोधित करना था, लेकिन बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। बारामती पवार परिवार का गढ़ है और अजित पवार बारामति विधानसभा से ही विधायक थे। आज हम आपको इस पूरे हादसे की कहानी बताते हैं। साथ ही आपको उस विमान के बारे में भी बताएंगे, जो क्रैश हुआ और अब महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के जाने से क्या कुछ असर होगा इस पर भी बात करेंगे।
महाराष्ट्र के 66 साल के दिग्गज राजनेता के साथ-साथ उनके दो कर्मचारी और दो क्रू मेंबर भी उस प्लेन क्रैश मारे गए। बुधवार सुबह 8:10 बजे, अजित पवार और चार अन्य लोगों को लेकर एक विमान (लियरजेट 45) मुंबई एयरपोर्ट से रवाना हुआ। यह विमान अरब सागर के ऊपर से उड़ान भरते हुए बारामती की ओर गया। सुबह करीब 8:30 बजे विमान ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन खराब विजिबिलिटी के कारण लैंड नहीं कर पाया।
इसके बाद विमान के पायलट ने सुबह 8:42 बजे दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश की। इसी दौरान विमान रडार से गायब हो गया। थोड़ी देर बाद खबरें आई कि महाराष्ट्र कि डिप्टी CM को ले जा रहा विमान क्रैश हो गया। बारामती हवाई अड्डे के रनवे 11 के पास क्रैश हुआ विमान आग के गोले में बदल गया। इस हादसे में अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई।
हादसे में किस-किस की हुई मौत?
इस हादसे में अजित पवार के अलावा चार और लोगों की जान गई। कैप्टन सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शम्भावी पाठक , जो इस मिड साइज बिजनेस जेट को उड़ा रहे थे। एक फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO), विधित जाधव भी हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।
कैसे हुआ हादसा?
इस सवाल का कोई सीधा और सटीक जवाब मिलना अभी बाकी है, लेकिन कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जैसे मौसम खराब होने की वजह से पायलट को रनवे पूरी तरह से नहीं दिखना या फिर कोई तकनीकि खराबी। फिलहाल इन सभी पहलुओं की जांच चल रही है।
हालांकि, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार, बारामती में क्रैश हुए विमान के पायलटों को लैंडिंग की कोशिश करते समय रनवे को पहचानने में कठिनाई हुई। पहली कोशिश के दौरान पायलट को रनवे दिखाई नहीं दिया, इसलिए उन्होंने दोबारा लैंडिंग की कोशिश करने से पहले गो-अराउंड किया। हालांकि, पायलट की ओर से कोई इमरजेंसी कॉल, SOS या मेडे कॉल नहीं दिया गया था।
बताया ये भी जा रहा है कि पायलट को लैंडिंग का क्लियरेंस दे दिया गया था, लेकिन पायलट की तरफ से कोई कंफर्मेशन या जवाब नहीं आया। शायद रेडियो साइलेंट हो गया था।
दो फ्लाइंग स्कूल, रेडबर्ड और कार्वर एविएशन, बारी-बारी से बारामती में ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को ऑपरेट करते थे। बुधवार को कार्वर एविएशन ने ATC की जिम्मेदारी संभाली।
कार्वर एविएशन के मैनेजर प्रमेश पारिख ने बताया कि विमान को सुबह 8:50 बजे लैंड करना था और कैप्टन ने कहा कि रनवे दिखाई दे रहा था। उन्होंने कहा, “बारामती का रनवे 1,770 मीटर लंबा है। हम विमान को लैंड करते हुए नहीं देख पाए। लेकिन हमने क्रैश की आवाज सुनी। शायद विजिबिलिटी की समस्या थी।”
DGCA ने बताया कि बारामती का रनवे एक टेबलटॉप रनवे है। बारामती का एयर स्ट्रिप छोटी है और यहां ILS (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) की सुविधा नहीं है। इसलिए पायलट को मैनुअल और आंखों के सहारे (विजुअल) लैंडिंग करनी पड़ी। विमान सीधे रनवे की ओर नहीं आया, बल्कि उसने एक बड़ा टर्न लिया और रनवे से करीब 50 मीटर दूर क्रैश लैंडिंग हुई और विमान आग के गाले में तब्दील हो गया।
विमान हादसे की गुत्थी सुलझाने के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। शुरुआती जांच में जो सबसे चौंकाने ने वाला तथ्य सामने आया है, वो है हादसे से ठीक पहले पायलट और कंट्रोल टावर के बीच हुई बातचीत।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, लैंडिंग से पहले जब पायलटों ने मौसम की जानकारी मांगी, तब उन्हें बताया गया था कि हवा शांत है और विजिबिलिटी लगभग 3,000 मीटर है। एविएशन स्टैंडर्ड के अनुसार, 3,000 मीटर की विजिबिलिटी लैंडिंग के लिए पर्याप्त मानी जाती है, फिर भी पायलटों ने दो बार रेडियो पर कहा कि उन्हें 'रनवे नजर नहीं आ रहा'।
घड़ी से हुई अजित पवार की पहचान
अधिकारियों के अनुसार, विमान हादसा इतना भीषण था कि पीड़ितों के शव पहचान से परे हो गए थे। उनकी पहचान कपड़ों और दूसरे व्यक्तिगत सामानों की मदद से की गई। बताय जा रहा है कि अजित पवार की पहचान उनकी घड़ी से हुई, जो उन्होंने अपने हाथ में पहनी थी।
जब बचाव दल दुर्घटना स्थल पर पहुंचा, तो वहां मिले अवशेषों में से एक हाथ में बंधी घड़ी और उसके खास बेल्ट (Strap) को देखकर अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह शव अजित पवार का है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विमान के क्रैश होते ही एक जोरदार आवाज सुनाई दी और वो आग के गोले में तब्दील हो गया, जिससे बचाव कार्य में भी रुकावट आई, क्योंकि आग ने विमान को कम से कम 20 मिनट तक अपनी चपेट में रखा।
अजित पवार का शव कुछ मिनटों बाद स्थानीय लोगों को मिला, जिन्होंने उसे कंबल से ढक दिया। प्रोटोकॉल के अनुसार एयरपोर्ट पर एक एम्बुलेंस तैनात थी, जिसने दुर्घटना में घायल सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
अजित पवार का अंतिम संस्कार कल, 29 जनवरी को सुबह 11:00 बजे उनके पैतृक शहर बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया जाएगा।
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 'दादा' की अंतिम विदाई पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ होगी। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है।
कौनसा था ये विमान?
जो विमान क्रैश हुआ, वो लियरजेट 45 था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK था। यह विमान दिल्ली की VSR एविएशन कंपनी का था। लियरजेट 45 एक मिड साइज बिजनेस जेट विमान है, जिसे कनाडा की बॉम्बार्डियर एयरोस्पेस कंपनी ने बनाया है। इस मॉडल के करीब 640 विमान साल 1995 से 2012 के बीच बनाए गए थे।
यहां एक बड़ी ही अहम बात ये है कि इस विमान का ज्यादातर इस्तेमाल ही सिर्फ इस कारण से किया जाता, क्योंकि यह छोटे रनवे टैकऑफ और लैंडिंग कर सकता है।
साल 2021 में बॉम्बार्डियर कंपनी ने लियरजेट 45 विमान बनाना बंद कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद यह विमान आज भी दुनिया भर में इस्तेमाल किया जा रहा है।
रिकॉर्ड के अनुसार, VSR एविएशन बिजनेस प्रोफेशनल को विमान चार्टर सर्विस देती है। मुंबई, हैदराबाद और भोपाल में भी इसके विमान चलते हैं। कंपनी को मुख्य रूप से विजय कुमार सिंह और रोहित सिंह चलाते हैं।
बारामती में हुए विमान हादसे पर VSR एविएशन के अधिकारियों ने कहा कि विमान में किसी तरह का कोई सिक्योरिटी इश्यू पहले से नहीं था। विजय कुमार सिंह ने मीडिया से कहा कि विमान “100 प्रतिशत सुरक्षित” था और विमान का क्रू भी काफी अनुभवी था। उन्होंने यह भी कहा कि खराब विजिबिलिटी हादसे की एक वजह हो सकती है, लेकिन अंतिम नतीजा DGCA की जांच के बाद ही सामने आएगा।
भले ही VSR एविएशन का कहना है कि जो विमान क्रैश हुआ और जिसमें अजित पवार की मौत हुई, वो “100% सुरक्षित” था, लेकिन उपलब्ध आंकड़े कुछ और ही संकेत देते हैं।
14 सितंबर 2023 को लियरजेट 45 विमान VT-DBL, जो विशाखापत्तनम से मुंबई जा रहा था, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गया। उस समय विमान में 6 यात्री और 2 क्रू मेंबर सवार थे। सौभाग्य से, इस हादसे में यात्री और पायलट सुरक्षित बच गए, हालांकि टक्कर इतनी तेज थी कि विमान दो हिस्सों में टूट गया था।
अजित दादा के बाद क्या करवट लेगी महाराष्ट्र की राजनीति?
कई पीढ़ियों के लिए, अजित पवार के बिना महाराष्ट्र की राजनीतिक तस्वीर की कल्पना करना मुश्किल है। महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहे पवार (लगातार नहीं) महाराष्ट्र के वैकल्पिक सत्ता केंद्रों में से एक थे। बुधवार को बारामती में विमान दुर्घटना में उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति, और खासतौर से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुट अनिश्चितता के दौर में डूब गए हैं।
NCP का उनका गुट, जिसके पास पार्टी का आधिकारिक लोगो और चिन्ह है, महाराष्ट्र की मौजूदा फडणवीस सरकार का हिस्सा है। अजित पवार का निधन उपमुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए हुआ। उनके जाने से महाराष्ट्र की सत्ता और विपक्षी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
अजित पवार की गैरमौजूदगी में उनके गुट के विधायक, सांसद और विधान पार्षद अनिश्चितता के शिकार हैं। बिना उनके नेतृत्व और वार्ताकौशल के ये नेता एकजुट रहेंगे, नया नेता चुनेंगे या शरद पवार के पास लौटेंगे? यह बड़ा सवाल है।
अजित के दो बेटे पार्थ और जय और उनकी पत्नी सुनेत्रा उनके परिवार में हैं। पार्थ 2019 में मावल से लोकसभा चुनाव हार चुके हैं और राजनीति में सक्रिय लेकिन प्रभावशाली नहीं। जय बिजनेस संभालते हैं, जबकि सुनेत्रा राज्यसभा सांसद और रणनीतिकार हैं, जो बारामती से लोकसभा हार चुकीं।
सुनेत्रा और पार्थ पर अजित पवार की विरासत संभालने का दबाव होगा, लेकिन शरद पवार की परछाईं चुनौती बनी रहेगी। शरद पवार ने राज्यसभा कार्यकाल के बाद संन्यास की घोषणा की है, ऐसे में सुप्रिया सुले दिल्ली में पार्टी का चेहरा हैं, जबकि अजित ग्रामीण महाराष्ट्र के जनाधार थे।
अगर ये दोनों गुट एक हो जाते, तो दिल्ली में सुप्रिया सुले पार्टी का चेहरा होतीं और अतीज राज्य और ग्रामीण राजनीति को संभालते। लेकिन अब पवार परिवार और NCP का क्या होगा, आगे देखना होगा।
अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु के तुरंत बाद ये सवाल उठने लगे क्योंकि महाराष्ट्र की राजनीति में NCP एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। NCP विधायकों और पार्टी का क्या होगा, इसका असर सत्ताधारी महायुति और राज्य की राजनीति की दिशा पर पड़ेगा।