केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को खुलेतौर पर चुनौती देते हुआ कहा कि वे बताएं कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के आने के बाद किसी एक भी मुसलमान की नागरिकता गई। साथ ही उन्होंने CAA के विरोध में हिंसक प्रदर्शनों के लिए भी कांग्रेस और INDIA गुट के दूसरे दलों को जिम्मेदार ठहराया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के राहुल गांधी और INDI गठबंधन के सदस्यों ने ऐसा माहौल बनाया, जहां CAA पारित होने के बाद हिंसा फैली।
Network18 के राइजिंग भारत समिट के दौरान ग्रुप एडिटर राहुल जोशी ने उनसे पूछा कि CAA के दौरान जैसे हिंसा फैली थी, तो आपको लगता है कि क्या इस बार वक्फ संशोधन अधिनियम के दौरान भी हिंसा फैल सकती है?
इस पर अमित शाह ने कहा, "पूरे देश में ढिंढोरा पीट-पीट कर राहुल गांधी ने ये फैलाया कि CAA से मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी। अब CAA देश में पूरी तरह से लागू हुए दो साल हो गए हैं, मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि वह आकर बताएं कि किसी एक भी मुसलमान की नागरिकता गई क्या।"
गृह मंत्री ने बेहद ही तल्ख लहजे में कहा कि पूरे देश को कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों ने गुमराह किया कि मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी। देश में हिंसा और यही लोग इसके जिम्मेदार हैं।
वह दिसंबर 2019 में संसद से नागरिकता कानून पारित किए जाने के बाद पूरे भारत में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों का जिक्र कर रहे थे।
बातचीत के दौरान अमित शाह ने इस पर भी खुलकर कर अपना पक्ष रखा कि क्या सरकार की ओर से लिए गए कुछ निर्णय, जैसे वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित करना, मुस्लिम मतदाताओं को अलग-थलग कर देगा।
शाह ने कहा कि हर फैसला वोट के लिए नहीं लिया जाता। शाह ने कहा, "हर काम वोट के लिए नहीं होता। अगर हम वोट बैंक की राजनीति में लगे होते तो हम कई बड़े फैसले नहीं ले पाते। कुछ फैसले समाज से गलत चीजों को दूर करने के लिए लिए जाते हैं।"