Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में 12 लोगों की मौत से हड़कंप! मिलावटी दूध पीते ही अचानक बिगड़ी तबीयत, 8 अस्पताल में भर्ती

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले पहचान सबसे पहले 22 फरवरी को हुई थी। उस दिन कई बुजुर्ग व्यक्तियों को पेशाब न आना, उल्टी, पेट दर्द और अन्य दिक्कतों के साथ अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। प्रभावित लोग लालाचेरुवु के चौदेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाकों के निवासी हैं

अपडेटेड Mar 12, 2026 पर 8:51 AM
Story continues below Advertisement
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध पीने से 12 लोगों की मौत हो गई

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में दूध में मिलावट के एक संदिग्ध मामले में 12 लोगों की मौत हो गई है। जबकि आठ अन्य लोगों का राज्य के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस समूह की पहचान सबसे पहले 22 फरवरी को हुई थी। उस दिन कई बुजुर्ग व्यक्तियों को पेशाब न आना, उल्टी, पेट दर्द और अन्य दिक्कतों के बाद अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। प्रभावित लोग लालाचेरुवु के चौदेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाकों के निवासी थे।

एक प्रेस रिलीज में कहा गया, "एपिडेमियोलॉजिकल सबूत बताते हैं कि दूध में मिलावट इसकी वजह हो सकती है। अलग-अलग डिपार्टमेंट्स ने मिलकर कार्रवाई शुरू कर दी है।" क्लिनिकल जांच में ब्लड यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ा हुआ पाया गया। ये टॉक्सिन के संपर्क में आने का संकेत है।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव में स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेरी से 106 परिवारों को आपूर्ति किया जाने वाला दूध इसका स्रोत हो सकता है। शुरुआती जांच के बाद आपूर्ति तुरंत रोक दी गई।


इलाके में इमरजेंसी मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। साथ ही डॉक्टरों और स्पेशलिस्ट की एक टीम तैनात की गई है। डेयरी से जरूरी सैंपल लिए गए हैं। संदिग्ध दूध बेचने वाले 33 वर्षीय अड्डाला गणेश्वरराव को हिरासत में लिया गया है। डेयरी को सील कर दिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

जिला सर्विलांस ऑफिसर, जनरल मेडिसिन स्पेशलिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, फोरेंसिक एक्सपर्ट और एपिडेमियोलॉजिस्ट वाली रैपिड रिस्पॉन्स टीम तुरंत बनाई गई। इस बीच, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने डेयरी यूनिट का इंस्पेक्शन किया और प्रभावित घरों से दूध, पनीर, घी, पीने के पानी और सिरके के सैंपल इकट्ठा किए।

इन सैंपल को माइक्रोबियल, फिजियो-केमिकल और टॉक्सिक मिलावट के एनालिसिस के लिए लैबोरेटरी, JNTU काकीनाडा और VIMTA लैब्स, हैदराबाद भेजा गया है। इसके अलावा, अधिकारियों ने कहा कि खून और यूरिन के सैंपल भी एडवांस्ड टॉक्सिकोलॉजिकल जांच के लिए भेजे गए हैं।

डेरी सील

सप्लाई से जुड़ी डेयरी यूनिट को सील कर दिया गया है। CLUES और फोरेंसिक टीमों ने जगह का इंस्पेक्शन किया, और पोस्टमॉर्टम सैंपल विजयवाड़ा में रीजनल फोरेंसिक लैबोरेटरी भेजे गए हैं। पुलिस ने कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का पता लगाने और सभी प्रभावित कंज्यूमर्स की पहचान करने के लिए जांच चल रही है।

ये भी पढ़ें- Farooq Abdullah News: '20 साल से मारना चाहता था'; फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग करने वाला कमल सिंह कौन है? देखें- चौंकाने वाला वीडियो

एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट ने चार वेटेरिनरी डॉक्टरों की एक टीम बनाई है, जिसने 41 दूध के सैंपल के साथ-साथ जानवरों के चारे और पानी के सैंपल इकट्ठा किए हैं। उन्हें एनालिसिस के लिए विजयवाड़ा में वेटेरिनरी बायोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा है। इस बीच, BNSS की धारा 194 और CrPC की धारा 174 के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।