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Save Aravalli Hills: पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी अरावली! नई माइनिंग लीज पर केंद्र सरकार ने लगाई रोक

Aravalli Protests: अधिकारियों ने बुधवार (24 दिसंबर) को बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को अरावली क्षेत्र में नई माइनिंग लीज देने पर पूरी तरह से रोक लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अरावली इकोसिस्टम के लंबे समय तक संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 24, 2025 पर 9:37 PM
Save Aravalli Hills: पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी अरावली! नई माइनिंग लीज पर केंद्र सरकार ने लगाई रोक
Aravalli Protests: अरावली को लेकर विरोध के बीच केंद्र ने राज्यों से नई माइनिंग लीज पर पूरी तरह बैन लगाने को कहा है

Aravalli Protests: पिछले कुछ दिनों से हो रहे विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरी अरावली रेंज में कोई भी नई माइनिंग लीज देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अधिकारियों ने बुधवार (24 दिसंबर) को बताया कि केंद्र ने राज्यों को अरावली क्षेत्र में नई माइनिंग लीज देने पर पूरी तरह से रोक लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अरावली इकोसिस्टम के लंबे समय तक संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को पूरे अरावली क्षेत्र में अतिरिक्त क्षेत्रों और जोन की पहचान करने का निर्देश दिया है। एक बयान में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने कहा कि यह रोक पूरी अरावली रेंज में एक जैसी लागू होगी, जो दिल्ली से गुजरात तक फैली हुई है।

इसका मकसद पहाड़ों की रेंज को एक लगातार बनी रहने वाली जियोलॉजिकल रिज के तौर पर बचाना है। साथ ही उन गैर-कानूनी और बिना नियम वाली माइनिंग गतिविधियों पर रोक लगाना है। इनसे पिछले कुछ सालों में पर्यावरण को बहुत नुकसान हुआ है। एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि इस आदेश का मकसद अरावली में हो रही खनन गतिविधियों को पर्यावरण की सुरक्षा के मद्देनजर सख्ती से नियंत्रित किया जाए।

MoEF&CC ने बयान में कहा, "इन निर्देशों का मकसद अरावली को इकोलॉजिकली सेंसिटिव इलाके के तौर पर सुरक्षित रखना और इसकी खास बायोडायवर्सिटी एवं लैंडस्केप का लंबे समय तक बचाव पक्का करना है।"

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