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VIDEO: 'आप 4 बार RSS से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुईं'; दिल्ली HC की जज जस्टिस स्वर्ण कांता से बोले अरविंद केजरीवाल, कोर्ट में छाया सन्नाटा

Arvind Kejriwal Vs Justice Swarana: पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से कहा कि शराब नीति मामलों में उनके पहले के फैसलों ने उन्हें लगभग दोषी और भ्रष्ट घोषित कर दिया था। उन्हें आशंका है कि अगर वह आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ CBI की याचिका पर सुनवाई जारी रखती हैं तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 14, 2026 पर 11:41 AM
VIDEO: 'आप 4 बार RSS से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुईं'; दिल्ली HC की जज जस्टिस स्वर्ण कांता से बोले अरविंद केजरीवाल, कोर्ट में छाया सन्नाटा
Arvind Kejriwal Vs Justice Swarana: जस्टिस शर्मा ने अरविंद केजरीवाल से कहा कि आप वकील बन सकते हैं

Arvind Kejriwal Vs Justice Swarana: पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार (13 अप्रैल) को दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष शराब नीति मामले की सुनवाई से उन्हें अलग हो जाने की अपील की। इस पर जज ने अरविंद केजरीवाल से कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक ने अच्छी दलीलें दीं हैं। वह वकील बन सकते हैं। हालांकि, केजरीवाल ने जवाब दिया कि वह अपने वर्तमान पेशे से खुश हैं। इस दौरान केजरीवाल ने जज पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने BJP और RSS से जुड़े 'अधिवक्ता परिषद' के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

वहीं, केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जज के कार्यक्रम में शामिल होने का बचाव करते हुए दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट और दूसरे हाई कोर्ट के मौजूदा जजों ने भी "बार एसोसिएशन" की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। मेहता ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं था। सॉलिसिटर जनरल ने आगाह किया कि बिना किसी ठोस आधार के शक पर खुद को अलग करने की याचिका को मंजूरी देना एक गलत मिसाल कायम करेगा। उन्होंने इस याचिका का विरोध किया।

केजरीवाल ने जज पर ही उठा दिए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें "पक्षपात का उचित अंदेशा" है। AAP प्रमुख ने कहा, "मुझे सचमुच और उचित रूप से यह अंदेशा है कि मुझे निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिल पाएगी।" केजरीवाल ने कहा, "वकीलों का एक संगठन है अधिवक्ता परिषद..। यह BJP और RSS का एक वैचारिक संगठन है। माननीय आप (जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा) चार बार इसके कार्यक्रमों में शामिल हुई हैं। जिस विचारधारा को ये लोग मानते हैं, हम उसका कड़ा विरोध करते हैं। हम खुले तौर पर उसका विरोध करते हैं। यह मामला राजनीतिक है।"

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