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'बलूचिस्तान में आ सकती है चीन की सेना...', पाकिस्तान से किसने लिखा एस. जयशंकर को ओपन लेटर?

Mir Yar Baloch : बलूच नेता मीर यार बलूच ने चेतावनी दी है कि चीन आने वाले कुछ महीनों में बलूचिस्तान में अपने सैन्य बल तैनात कर सकता है। उनका कहना है कि ऐसा होना न सिर्फ बलूचिस्तान, बल्कि भारत के लिए भी एक गंभीर और तुरंत पैदा होने वाला खतरा होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 02, 2026 पर 7:21 PM
'बलूचिस्तान में आ सकती है चीन की सेना...', पाकिस्तान से किसने लिखा एस. जयशंकर को ओपन लेटर?
बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक खुली चिट्ठी लिखी है।

बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक खुली चिट्ठी भेजकर दावा किया है कि अगले कुछ महीनों में चीन, पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में अपनी सेना तैनात कर सकता है। मीर यार बलूच ने शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते गठबंधन पर गहरी चिंता जताई है मीर यार बलूच का कहना है कि आने वाले कुछ महीनों में चीन, पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में अपने सैनिक तैनात कर सकता है। अपने खुले पत्र में उन्होंने यह भी लिखा कि बलूचिस्तान को पिछले कई दशकों से पाकिस्तान के नियंत्रण में दमन झेलना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां राज्य द्वारा हिंसा करवाई गई और मानवाधिकारों का लगातार उल्लंघन हुआ है।

गौरतलब है कि मई 2025 में बलूच राष्ट्रवादी नेताओं ने पाकिस्तान से आज़ादी की घोषणा की थी। अब मीर यार बलूच ने ऐलान किया है कि बलूचिस्तान गणराज्य 2026 के पहले सप्ताह में “2026 बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमेटिक वीक” मनाएगा। इस पहल का मकसद बलूचिस्तान को दुनिया के अलग-अलग देशों से सीधे जोड़ना और अपनी बात अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखना है

'चीन अपने सैनिक तैनात कर सकता है'

बलूच नेता मीर यार बलूच ने चेतावनी दी है कि चीन आने वाले कुछ महीनों में बलूचिस्तान में अपने सैन्य बल तैनात कर सकता है। उनका कहना है कि ऐसा होना न सिर्फ बलूचिस्तान, बल्कि भारत के लिए भी एक गंभीर और तुरंत पैदा होने वाला खतरा होगा। 1 जनवरी 2026 को, बलूचिस्तान गणराज्य के बलूच प्रतिनिधि के तौर पर बयान जारी करते हुए मीर यार बलूच ने कहा कि यदि क्षेत्र की “रक्षा और स्वतंत्रता बलों” की लगातार अनदेखी की जाती रही, तो चीन को बलूचिस्तान में सैनिक भेजने का मौका मिल सकता है। उन्होंने इस संभावित कदम को भारत और बलूचिस्तानदोनों के भविष्य के लिए “अकल्पनीय खतरा” बताया।

चिट्ठी में लिखी गई ये बातें

चिट्ठी में कहा गया है कि अगर बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता से जुड़ी ताक़तों को मज़बूत नहीं किया गया और उन्हें पहले की तरह नजरअंदाज़ किया जाता रहा, तो आने वाले कुछ महीनों में चीन बलूचिस्तान में अपने सैनिक तैनात कर सकता है। पत्र में आगे चेतावनी दी गई है कि करीब 6 करोड़ बलूच लोगों की सहमति के बिना बलूचिस्तान की ज़मीन पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी बेहद खतरनाक होगी। इसे भारत और बलूचिस्तान - दोनों के भविष्य के लिए एक बड़ा और अकल्पनीय खतरा बताया गया है।

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