मां सिर्फ परिवार की जिम्मेदारियां नहीं निभाती, बल्कि अपने बच्चों की खुशियों के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर देती है। बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखते-रखते वो अक्सर अपनी सेहत और आराम को नजरअंदाज कर देती है। सुबह से रात तक घर और परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाली मां कई बार थकान, कमजोरी और दर्द को भी सामान्य समझकर टाल देती है। समय के साथ यही लापरवाही उनकी हेल्थ पर असर डालने लगती है।
