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'गुड मॉर्निंग, चिनी...'; बारामती प्लेन क्रैश से पहले कैप्टन शांभवी पाठक ने दादी को भेजा आखिरी मैसेज, मां बना रही थी शादी की योजना

Ajit Pawar Plane Crash: अधिकारियों ने बताया कि 25 साल की कैप्टन शांभवी पाठक उन पांच लोगों में से एक थीं जिनकी बुधवार सुबह हुई इस विमान दुर्घटना में मौत हो गई। विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी सवार थे। मुंबई से उड़ान भरने के बाद यह विमान निर्धारित समय पर उतरने से कुछ मिनट पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 29, 2026 पर 9:34 AM
'गुड मॉर्निंग, चिनी...'; बारामती प्लेन क्रैश से पहले कैप्टन शांभवी पाठक ने दादी को भेजा आखिरी मैसेज, मां बना रही थी शादी की योजना
Ajit Pawar Plane Crash: बारामती विमान हादसे में जान गंवाने वाली पायलट शांभवी की मां बना रही थीं उनकी शादी की योजना

Ajit Pawar Plane Crash: बारामती विमान हादसे में जान गंवाने वाली कैप्टन शांभवी पाठक के यहां सफदरजंग एनक्लेव स्थित आवास पर बुधवार (28 जनवरी) को गमगीन माहौल देखने को मिला। शांभवी की मां अपनी बेटी की शादी की योजना बना रही थीं जो अब कभी पूरी नहीं हो पाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 25 साल की शांभवी उन पांच लोगों में से एक थीं जिनकी बुधवार सुबह हुई इस विमान दुर्घटना में मौत हो गई। विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी सवार थे। मुंबई से उड़ान भरने के बाद यह विमान निर्धारित समय पर उतरने से कुछ मिनट पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित शांभवी के घर पर उनकी मां (वायुसेना बाल भारती स्कूल में शिक्षिका) शोक में डूबी हुई थीं। उनके पिता (सेना के रिटायर्ड पायलट) इस दुखद घटना के बाद पुणे पहुंचे। कपल की उम्र 45 वर्ष के करीब है। वे अपनी बेटी की शादी की योजना बना रहे थे।

शांभवी का छोटा भाई (22) नौसेना में है। इलाके में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली 40 वर्षीय शिल्पी, शांभवी के बारे में दुखद खबर सुनकर भावुक हो गईं। शिल्पी ने पीटीआई को बताया, "वह बेहद प्यारी, भोली और बहुत ही मृदुभाषी थीं। वह आखिरी बार लगभग डेढ़ महीने पहले मेरे पार्लर में आई थीं।"

उन्होंने बताया, "शांभवी की मां उनकी शादी करने की सोच रही थीं।" चार दशकों से इस इलाके में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे जितेंद्र ने बताया कि उनका परिवार पांच साल पहले इस पड़ोस में रहने आया था। उन्होंने कहा, "जब भी शांभवी मुझे देखती, वह हमेशा नमस्ते करती थीं। परिवार के सभी लोग बहुत अच्छे हैं। वे सामुदायिक समारोहों में भाग लेते हैं और सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करते हैं।"

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