Waqf Bill: वक्फ बिल पर राज्यसभा में नर्म पड़ी BJD? नवीन पटनायक की पार्टी ने कहा- 'मतदान को लेकर सांसद खुद फैसला लें'

Waqf Amendment Bill 2025: बीजू जनता दल (BJD) के इस कदम ने संसद के निचले सदन में नंबर गेम को दिलचस्प बना दिया है। अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कोई सहयोगी आखिरी समय में बिल पर यू-टर्न लेता है तो नवीन पटनायक की पार्टी गेम चेंजर की भूमिका निभा सकती है

अपडेटेड Apr 03, 2025 पर 10:50 PM
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Waqf Amendment Bill 2025: बीजू जनता दल (BJD) के राज्यसभा में सात सांसद हैं

Waqf Amendment Bill 2025: बीजू जनता दल (BJD) ने गुरुवार (3 अप्रैल) को एक आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए कहा कि उसने कोई पार्टी व्हिप जारी नहीं किया है। इससे BJD के राज्यसभा सांसदों को वक्फ संशोधन विधेयक पर वोटिंग के दौरान अपनी "अंतरात्मा" के अनुसार मतदान करने का मौका मिल गया है। पार्टी ने कहा कि सभी सांसद अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट दें। राज्यसभा में BJD के सात सांसद हैं। BJD के इस कदम ने संसद के निचले सदन में नंबर गेम को दिलचस्प बना दिया है। अगर बीजेपी का कोई सहयोगी आखिरी समय में बिल पर यू-टर्न लेता है तो नवीन पटनायक की पार्टी गेम चेंजर की भूमिका निभा सकती है।

BJD सांसद और पार्टी प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने गुरुवार को कहा कि बीजू जनता दल ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता और समावेशिता के सिद्धांतों को बरकरार रखा है, जिससे सभी समुदायों के अधिकार सुनिश्चित होते हैं। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के बारे में अल्पसंख्यक समुदायों की विविध भावनाओं पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ने अपने राज्यसभा सदस्यों को 'न्याय, सद्भाव और सभी समुदायों के अधिकारों के सर्वोत्तम हित में अपने विवेक का प्रयोग करने' की जिम्मेदारी सौंपी है।

भले ही BJD केंद्र में एनडीए का हिस्सा नहीं है, लेकिन नवीन पटनायक की पार्टी ने अब रद्द किए जा चुके तीन किसान बिलों और नागरिकता संशोधन अधिनियम सहित प्रमुख विधेयकों पर सरकार के पक्ष में मतदान कर चुकी है। उस वक्त बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं था। हालांकि, पिछले साल ओडिशा विधानसभा चुनावों में बीजेपी की शानदार जीत ने BJD को सरकार के खिलाफ विपक्ष में शामिल होने के लिए मजबूर कर दिया है।


राज्यसभा में नंबर गेम

वक्फ बिल पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है। इसे गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया। वर्तमान में राज्यसभा में 236 सदस्य हैं। इसलिए सत्तारूढ़ NDA को बहुमत के लिए 119 सांसदों की जरूरत है। हालांकि, एनडीए के पास 123 सांसद हैं। इनमें से 98 बीजेपी के, चार JDU के, दो TDP के, तीन एनसीपी के और 10 अन्य गठबंधन दलों के एक-एक सांसद शामिल हैं।

इसके विपरीत, विपक्षी दल 'इंडिया' ब्लॉक के पास उच्च सदन में 88 सांसद हैं। इनमें कांग्रेस (27), तृणमूल कांग्रेस (13), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और आम आदमी पार्टी (10-10), राष्ट्रीय जनता दल (5), समाजवादी पार्टी और सीपीआई-एम (चार-चार), झारखंड मुक्ति मोर्चा (तीन) और अन्य शामिल हैं। इसके अलावा, 23 सांसद ऐसी पार्टियों के हैं जो न तो एनडीए का हिस्सा हैं और न ही इंडिया ब्लॉक का।

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राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वक्फ विधेयक को मुसलमानों के खिलाफ बताते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि यह (विधेयक) अल्पसंख्यकों को तबाह करने के लिए लाया गया है। खड़गे ने राज्यसभा में चर्चा के दौरान कहा कि देश में ऐसा माहौल बना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों को तंग करने के लिए लाया गया है। हालांकि, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।

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