Budget 2026: MGNREGA खत्म होने के बाद बजट में महात्मा गांधी के नाम पर नई योजना की घोषणा, खादी पर फोकस करेगी सरकार
Mahatma Gandhi Gram Swaraj scheme: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 जनवरी) को कहा कि 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' योजना का फोकस खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल वैश्विक बाजार से जुड़ाव और ब्रांडिंग में मदद करेगी
Budget 2026: बजट 2026 में 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' स्कीम शुरू करने की घोषणा की गई है
Mahatma Gandhi Gram Swaraj scheme: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम बदलकर 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G कर दिया है। इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हैंडलूम पर फोकस वाली स्कीम के तौर पर 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज (Mahatma Gandhi Gram Swaraj scheme)' योजना लॉन्च करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार टेक्सटाइल इंडस्ट्री, खासकर खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में सुधार चाहती है।
वित्त मंत्री ने कहा, "मैं मेगा टेक्सटाइल पार्क्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं। ये पार्क टेक्निकल टेक्सटाइल्स में वैल्यू एडिशन पर भी विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करेंगे। मैं खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' शुरू करने का प्रस्ताव भी रखती हूं।"
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, "यह पहल वैश्विक बाजार से जुड़ाव और ब्रांडिंग में मदद करेगी। साथ ही ट्रेनिंग, प्रक्रियाओं एवं उत्पादन की गुणवत्ता को सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ करेगी। इससे हमारे बुनकरों, ग्राम उद्योगों, ODOP (एक जिला–एक उत्पाद) और ग्रामीण युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।"
वहीं, बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा, "मुझे लगता है कि मैंने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए अलग-अलग तरह के सपोर्ट के बारे में पहले ही विस्तार से बता दिया है। एक बहुत ही जरूरी घोषणा महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल थी, जिससे यह पक्का होगा कि खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा मिले। साथ ही वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पहल भी...। इससे इन इलाकों में ग्रामीण कारीगरों, ग्रामीण मज़दूरों और हैंडलूम बुनकरों को मदद मिलेगी।"
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल आत्मनिर्भर और मजबूत भारत के निर्माण की एक दूरदर्शी पहल है। वित्त मंत्री ने कहा, "इसके तहत खादी, हैंडलूम, हैंडक्राफ्ट और टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के साथ-साथ ब्रांडिंग, गुणवत्ता और स्किलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल से रोजगार बढ़ेंगे, महिलाएँ सशक्त होंगी, ODOP को नई पहचान मिलेगी और युवाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर खुलेंगे।"
'वीबी-जी राम जी' के लिए 95,000 करोड़ रुपये आवंटित
केंद्र सरकार ने नई योजना 'वीबी-जी राम जी' को लागू करने की तैयारी के साथ ही इसके लिए 95,692.31 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। जबकि मनरेगा के लिए 30,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत साल में 125 दिनों के काम का वादा किया गया है। यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 के तहत बनी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के कार्यकाल की दो दशक पुरानी ग्रामीण रोजगार योजना का स्थान लेगी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा योजना तब तक जारी रहेगी, जब तक 'वीबी-जी राम जी' पूरी तरह अमल में नहीं आ जाती। इसके तहत लंबित कार्य पूरे नहीं हो जाते। बजट दस्तावेजों के अनुसार, मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के लिए कुल 1,94,368.81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वित्त वर्ष के 1,86,995.61 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से थोड़ा अधिक है।
वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए वर्ष 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपये रखा गया है, जो 2025-26 के बराबर ही है। हालांकि, संशोधित अनुमान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इस पर खर्च 11,000 करोड़ रुपये हुआ था।
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन बढ़ाकर 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पिछले साल यह राशि 19,005 करोड़ रुपये थी। जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ रुपये खर्च हुए।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लिए इस साल 54,916.70 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। पिछले बजट में यह राशि 54,832.00 करोड़ रुपये थी। संशोधित अनुमान में खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।