Budget 2026: केंद्र सरकार ने बजट में दो प्रमुख चुनावी राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु पर खास ध्यान दिया है। इसमें तमिलनाडु को बंगाल से थोड़ा ज्यादा मिला है। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए रविवार (1 फरवरी) को पेश किए गए केंद्रीय बजट में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं की गई। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने केंद्र पर इन घोषणाओं को असली वित्तीय प्रतिबद्धताओं के बजाय राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
बजट में पश्चिम बंगाल के डानकुनी को गुजरात के सूरत से जोड़ने वाले एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दुर्गापुर में लॉजिस्टिक्स हब के साथ 'ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर' के विकास और 'पूर्वोदय' पहल के तहत आने वाले पांच राज्यों में पांच टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने का प्रस्ताव दिया गया।
बीजेपी इसे चुनावों से पहले पूर्वी भारत में विकास-आधारित राजनीति की अपनी कहानी को मजबूत करने की दिशा में एक कदम मान रही है। डानकुनी-सूरत फ्रेट कॉरिडोर को पर्यावरण के अनुकूल माल परिवहन को बढ़ावा देने और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने की पहल के रूप में पेश किया जा रहा है। इसे इस बजट में बंगाल के लिए सबसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वादा माना जा रहा है।
बजट में 'पूर्वोदय' पहल के तहत आने वाले राज्यों में टूरिज्म डेस्टिनेशन के विकास और 4,000 E-बसों की तैनाती का भी प्रस्ताव दिया गया। TMC ने केंद्र पर पुराने फैसलों को नए फायदों के रूप में पेश करने का आरोप लगाया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बजट में बंगाल पर जोर को बीजेपी की बड़ी चुनावी रणनीति के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के लोगों को बांग्लादेशी के रूप में देखने का आरोप लगाया। टीएमसी नेता ने बजट भाषण में राज्य का उल्लेख न करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की कड़ी आलोचना की। बजट के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने इसे 'अनाम, आधारहीन और अदूरदर्शी' करार देते हुए कहा कि इसमें किसी भी समुदाय के लिए कोई समाधान नहीं है।
निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में तमिलनाडु के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। इसमें चेन्नई के लिए एक हाई-स्पीड रेल लिंक, पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई क्षेत्र में एक पर्यावरण के अनुकूल पहाड़ी रास्ता और एक रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर शामिल है। उन्होंने कुछ और घोषणाएं भी कीं। जैसे पुलिकट झील के किनारे बर्डवॉचिंग ट्रेल्स का विकास और आदिचनल्लूर पुरातात्विक स्थल को एक जीवंत, अनुभवात्मक सांस्कृतिक डेस्टिनेशन में बदलना शामिल है।
अदिचनल्लूर के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि खुदाई की गई जगहों को क्यूरेटेड वॉकिंग ट्रेल्स के जरिए आम लोगों के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि गाइड को सशक्त बनाने के लिए कंजर्वेशन लैब, इंटरप्रिटेशन सेंटर और इमर्सिव स्टोरीटेलिंग स्किल्स और टेक्नोलॉजी को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक स्कीम लॉन्च की गई थी। अब हम खनिज से भरपूर राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए डेडिकेटेड रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर बनाने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं।"
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में वर्ल्ड-क्लास ट्रेकिंग और हाइकिंग का अनुभव देने की क्षमता और अवसर हैं। इसलिए, पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई क्षेत्र में इको-फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में पुलिकट झील के किनारे बर्डवॉचिंग ट्रेल्स भी विकसित किए जाएंगे।
इस बजट का मकसद खास डेवलपमेंट फैक्टर्स के आधार पर सिटी इकोनॉमिक रीजन्स (CERs) की मैपिंग करके शहरों की आर्थिक शक्ति को और बढ़ाने की क्षमता विकसित करना है। हर CER के लिए पाँच सालों में ₹5,000 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
इससे रिफॉर्म-कम-आउटकम-बेस्ड फाइनेंसिंग मैकेनिज्म के साथ चैलेंज-बेस्ड अप्रोच के जरिए उनकी योजनाओं को लागू किया जा सके। तमिलनाडु में रामेश्वरम जैसे हज़ारों मंदिर और तीर्थ स्थल हैं। इस राज्य में मदुरै, कांचीपुरम और कुंभकोणम जैसे कई मंदिर शहर भी हैं।
तमिलनाडु की अनदेखी करने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने रविवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट राज्य के लिए बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि बजट में तमिलनाडु के हितों की पूरी तरह से उपेक्षा कर दी गई है। गरीबों, महिलाओं, किसानों और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए कुछ भी नहीं है।