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पहले LPG फिर क्रूड और क्या अब खाद की होगी किल्लत? किसानों के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Fertiliser Import: पश्चिम एशिया दुनिया में उर्वरक उत्पादन और निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है। वर्तमान में इस क्षेत्र में जारी संकट ने वैश्विक सप्लाई चैन पर भारी दबाव डाल दिया है। भारत सरकार के उर्वरक विभाग के निर्देश पर IPL ने यह कदम उठाया है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय किसानों पर न पड़े

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 05, 2026 पर 4:13 PM
पहले LPG फिर क्रूड और क्या अब खाद की होगी किल्लत? किसानों के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम
भारत की घरेलू उर्वरक उत्पादन क्षमता उसकी कुल मांग से काफी कम है

Fertiliser Import: पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से युद्ध जारी है। खाड़ी क्षेत्र में इस तनाव के चलते भारत में LPG और क्रूड ऑयल के संकट जैसी परिस्थिति बनी हुई है। हालांकि, सरकार वैकल्पिक रूट तलाश रही है लेकिन फिर भी LPG और पेट्रोल डीजल की किल्लत के बीच ये संभावना जताई जा रही है कि खाद की कमी का भी संकट गहरा सकता है जिससे आने वाले दिनों में होने वाली बुवाई बड़े स्तर पर प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, बुआई का सीजन शुरू होने से पहले ही भारत सरकार ने देश के किसानों और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है। उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) ने 25 लाख मीट्रिक टन यूरिया के आयात के लिए एक बड़ा वैश्विक टेंडर जारी किया है। 4 अप्रैल 2026 को जारी इस नोटिस का मुख्य उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितता के बीच घरेलू स्टॉक को मजबूत करना है।

पश्चिम एशिया संकट से बढ़ा सप्लाई चेन का खतरा

पश्चिम एशिया दुनिया में उर्वरक उत्पादन और निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है। वर्तमान में इस क्षेत्र में जारी संकट ने वैश्विक सप्लाई चैन पर भारी दबाव डाल दिया है। भारत सरकार के उर्वरक विभाग के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय किसानों पर न पड़े। यह खरीद प्रक्रिया भारत के कृषि क्षेत्र को बाहरी झटकों से बचाने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, खासकर तब जब बुवाई का महत्वपूर्ण समय नजदीक हो।

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