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Delimitation Bill Row: क्या परिसीमन पर भ्रम फैला रहा विपक्ष? दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ नहीं होगा अन्याय! इन आंकड़ों से समझें

Delimitation Bill Row: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू देने के लिए 16 अप्रैल को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा। इसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक लाने की तैयारी में है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 15, 2026 पर 9:32 AM
Delimitation Bill Row: क्या परिसीमन पर भ्रम फैला रहा विपक्ष? दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ नहीं होगा अन्याय! इन आंकड़ों से समझें
Delimitation Bill Row: परिसीमन आयोग के गठन को लेकर दक्षिण भारतीय राज्य लगातार विरोध कर रहे हैं

Delimitation Row: परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर इस सप्ताह होने वाले संसद के विशेष सत्र से पहले सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस कदम की मंशा पर सवाल उठाए। जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उस पर अतीत में महिलाओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। दक्षिण भारत के दो प्रमुख गैर-BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों तमिलनाडु के एम.के. स्टालिन और तेलंगाना के ए. रेवंत रेड्डी ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र पर हमला तेज कर दिया है।

स्टालिन ने चेतावनी दी है कि यदि तमिलनाडु के साथ कोई अन्याय हुआ तो व्यापक आंदोलन होगा। जबकि रेड्डी ने इसे अन्याय बताया। रेड्डी ने प्रधानमंत्री को खुले पत्र में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों में वृद्धि करने से देश के संघीय संतुलन पर असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों के लिए यह अनुपात आधारित मॉडल स्वीकार्य नहीं होगा। सीएम ने कहा कि बिना उनकी चिंताओं को दूर किए आगे बढ़ने पर व्यापक विरोध होगा। उन्होंने आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन से मिलकर सामूहिक रणनीति बनाने की भी अपील की।

जोरदार विरोध प्रदर्शन की धमकी

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