उत्तर भारत में एक बार फिर ठंड और घने कोहरे ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ दिनों से मौसम ने सर्दी और कोहरे का नया कहर दिखाना शुरू कर दिया है। खासकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और आसपास के राज्यों में सुबह-सुबह और शाम के समय मौसम बेहद जाड़े वाला और धुंधला रहता है, जिससे लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। सड़कों पर घना कोहरा वाहन चालकों के लिए खतरे की घंटी बन चुका है, धीमी रफ्तार और कम दृश्यता के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वहीं, रेलवे यात्री भी इससे अछूते नहीं हैं।
कई हाई-स्पीड और प्रमुख ट्रेनें जैसे वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस और तेजस राजधानी एक्सप्रेस भी कोहरे के कारण समय पर नहीं चल पा रही हैं। यात्रियों को अपने सफर में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। इस मौसम ने जीवन और परिवहन दोनों को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
ट्रेनें लेट, यात्रियों की परेशानी बढ़ी
घने कोहरे की वजह से राजधानी और वंदे भारत जैसी हाई स्पीड ट्रेनें भी अपने समय से चलने में असमर्थ हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर गुजरने वाली दर्जनों ट्रेनें कई-कई घंटे लेट हो रही हैं। आलम ये है कि वंदे भारत एक्सप्रेस और तेजस राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय पर नहीं पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
दिसंबर-जनवरी की तरह फिर से सर्दी की वापसी
दिसंबर के दूसरे हफ्ते से जनवरी के दूसरे हफ्ते तक भीषण ठंड, शीतलहर और कोहरे का ट्रिपल अटैक देखने को मिला था। इसके बाद मौसम में थोड़ी राहत मिली थी। लोग सोचे थे कि ठंड का प्रकोप कम हो गया है, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से मौसम ने फिर से सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इस वजह से ट्रेन यात्री और सड़क यातायात दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
लेट चल रही प्रमुख ट्रेनें
आज शनिवार को भी कई प्रमुख ट्रेनें देर से चल रही हैं। इनमें शामिल हैं:
इसके अलावा और भी दर्जनों ट्रेनें प्रभावित हैं।
यात्री और प्रशासन की चुनौती
घने कोहरे की वजह से न सिर्फ ट्रेन संचालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासन को समय पर अलर्ट जारी करना और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है। वहीं यात्रियों को भी समय पर स्टेशन पहुंचकर अपडेट लेते रहना चाहिए।