Census Scam Alert: भारत में 2026-27 की अगली जनगणना की तैयारी चल रही है। इसी का फायदा उठाकर ठग लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं। वे “जनगणना” के नाम पर लोगों से उनकी निजी और बैंक से जुड़ी जानकारी मांग रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जालसाज जनगणना अधिकारी बनकर घरों में जाकर डेटा इकट्ठा करने का बहाना बना सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी जनगणना से जुड़े फर्जी मैसेज फैल रहे हैं।
WhatsApp पर वायरल हुए मैसेज में कहा गया था कि चोर गृह मंत्रालय के अधिकारी बनकर “जनगणना” के बहाने घरों में चोरी कर रहे हैं। हालांकि, यह दावा गलत साबित हो चुका है, फिर भी सुरक्षित रहने के लिए आपको कुछ बातें जाननी जरूरी हैं।
एक असली जनगणना अधिकारी आपसे ये चीजें कभी नहीं मांगेंगे:
धोखाधड़ी करने वाले कैसे काम करते हैं
असल जनगणना प्रक्रिया सरल और सुरक्षित है। सरकारी अधिकारी स्वयं घरों में जाकर पूछताछ करते हैं और उनके पास सही पहचान पत्र होते हैं। वे सामान्य सवाल पूछते हैं और को वित्तीय जानकारी नहीं लेते हैं। अपने परिवार के सदस्यों, खासकर बुजुर्गों से बात करें और उन्हें इन धोखाधड़ी के बारे में जागरूक करें। अगर आपके पास कोई फर्जी मैसेज या कॉल आए, तो तुरंत स्थानीय अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
स्वयं-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया
PIB के अनुसार, "स्वयं-गणना प्रक्रिया (सेल्फ-एन्यूमरेशन) एक सुरक्षित, वेब-आधारित सुविधा है जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।" "पहली बार, इसमें लोग जनगणना अधिकारी के घर आने से पहले ही अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकते हैं।"
"पिछले जनगणनाओं की तरह ही जनगणना अधिकारी सभी आवंटित आवास ब्लॉकों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, जबकि सेल्फ-एन्यूमरेशन एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में कार्य करती है।"
सरकार ने बताया कि लोग सेल्फ-एन्यूमरेशन में हिस्सा लेने के लिए अपने मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी के जरिए पोर्टल se.census.gov.in पर लॉग इन कर सकते हैं।
सफल सबमिशन के बाद एक यूनिक Self-Enumeration ID (SE ID) जनरेट की जाती है। पुष्टि के लिए जब जनगणना अधिकारी घर आएगा, तो यह ID उसे दिखानी होगी।
सरकारी बयान में कहा गया है, "हाउसिंग लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना के दौरान, घर की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और स्वामित्व वाली संपत्तियों के बारे में पूरी जानकारी ली जाएगी।"
जनवरी 2026 में पहले चरण (Phase I) के लिए कुल 33 सवाल तय किए गए हैं। ये जानकारी आगे की योजना बनाने, नीतियां तय करने और लोगों तक सही योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद करेगी।
"हाउसिंग लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO) का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 के बीच पूरे देश में आयोजित किया जाएगा।"
आधिकारिक बयान में बताया गया है कि घर-घर सर्वेक्षण से ठीक पहले पहली बार सेल्फ-एन्यूमरेशन के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है।
"इस सुविधा से लोग जनगणना अधिकारी के आने से पहले अपने घरों से ही डिजिटल रूप से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।"