लंदन हीथ्रो में एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में हुई तकनीकी खराबी की जांच अब DGCA ने शुरू कर दी है। VT-ANX के नाम से रजिस्टर्ड इस विमान को उस रिपोर्ट के बाद ग्राउंडेड कर दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि इंजन स्टार्ट-अप के दौरान इसके बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच दो बार "रन" पॉजिशन से "कटऑफ" पॉजिशन में फिसल गया था।
यह घटना 2 फरवरी, 2026 को बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट AI-132 के उड़ान भरने की तैयारी के दौरान घटी। पायलट के लॉगबुक के अनुसार, फ्यूल कंट्रोल स्विच- जो फ्यूल फ्लो को नियंत्रित करने वाला एक महत्वपूर्ण फैक्टर है- लॉक नहीं रह सका और थोड़ा सा धक्का देने पर "कटऑफ" हो गया। हालांकि, विमान ने आखिरकार अपनी उड़ान पूरी कर ली, लेकिन जमीन पर लॉक सिस्टम की खराबी का पता चलने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई खासतौर से चिंताजनक है, क्योंकि यह उस समय हुई है, जब एयर इंडिया ने पिछले साल अहमदाबाद त्रासदी के बाद कथित तौर पर इन खास स्विचों का निरीक्षण किया था। यह तथ्य कि एक "संभावित खराबी" फिर से सामने आई है - इस बार जमीन पर डॉक्यूमेंट दर्ज की गई है - यह दिखाता है कि पहले की एहतियाती जांचों में किसी सिस्टमैटिक या डिजाइन संबंधी कमी का पता नहीं चल पाया होगा।
AI-171 हादसे की जांच पर बड़ा असर
लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर सामने आई तकनीकी खराबी का असर अब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 की जांच पर भी पड़ सकता है। माना जा रहा है कि यह मामला जांच की दिशा पूरी तरह बदल सकता है।
12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद एयर इंडिया का एक ड्रीमलाइनर विमान क्रैश हो गया था। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया था कि दोनों फ्यूल स्विच “कटऑफ” पॉजिशन में चले गए थे।
अब तक इस हादसे को लेकर शक मुख्य रूप से पायलट की गलती या जानबूझकर की गई कार्रवाई पर था। इसकी वजह यह थी कि कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई दिया था कि फ्यूल क्यों बंद किया गया।
लेकिन हीथ्रो में सामने आई तकनीकी खराबी ने इस सोच को चुनौती दी है।
तकनीकी खराबी या मानवीय गलती?
VT-ANX विमान में फ्यूल स्विच का बिना किसी आदेश के हिल जाना पहली बार ठोस सबूत के तौर पर सामने आया है। इससे यह साबित होता है कि फ्यूल स्विच अपने आप भी मूव हो सकते हैं।
इस वजह से अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) का ध्यान पायलट की गलती से हटकर- किसी तकनीकी खामी, सिस्टम की खराबी, या पहले से चेतावनी दिए गए किसी डिजाइन दोष पर जा सकता है, जिसके बारे में FAA पहले भी अलर्ट जारी कर चुका है।
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बातचीत चल रही है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस समय अमेरिका के दौरे पर हैं और क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल में हिस्सा ले रहे हैं।
हालांकि यह दौरा सप्लाई चेन और रणनीतिक सहयोग पर केंद्रित है, लेकिन बोइंग विमानों से जुड़ी सुरक्षा समस्याएं भारत-अमेरिका व्यापार और विमानन सुरक्षा बातचीत में एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई हैं।